

कानपुर में एक बार फिर गैस सिलेंडर चोरी की घटना ने स्थानीय लोगों में दहशत फैला दी है। बीते सप्ताह कानपुर के गोविंद नगर इलाके में घर से हुई सिलेंडर चोरी की घटना की जांच अभी ठीक से शुरू भी नहीं हो पाई थी कि कानपुर के चकेरी थानाक्षेत्र के पटेल नगर में दो शातिर युवकों ने खुद को गैस एजेंसी का कर्मचारी बताकर एक टाइल्स कारीगर के घर से गैस सिलेंडर चुरा लिया। यह घटना बुधवार दोपहर करीब 2:50 बजे हुई, जब घर पर केवल घायल महिला अकेली थीं। पूरी वारदात आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे में साफ-साफ कैद हो गई है, जिसे देखकर पुलिस आरोपियों की पहचान में जुटी हुई है।
पीड़ित परिवार के अनुसार, पटेल नगर निवासी नंद किशोर टाइल्स फिटिंग का काम करते हैं। बुधवार को वह सुबह काम पर चले गए थे। दोपहर करीब 2:50 बजे दो युवक बाइक पर सवार होकर उनके घर पहुंचे। उन्होंने दरवाजा खटखटाया और खुद को गैस एजेंसी का कर्मचारी बताया और कनेक्शन जांच की बात कही।
इसपर नंद किशोर की पत्नी गिरिजा देवी चार दिन पहले एक दुर्घटना में घायल हुई थीं और बिस्तर पर लेटी हुई थीं। वह घर पर पूरी तरह अकेली थीं। युवकों ने विश्वास दिलाते हुए कहा कि वे सिलेंडर की नियमित जांच करने आए हैं। गिरिजा देवी ने उन्हें रोका, लेकिन दोनों युवक जबरन घर के अंदर घुस गए।
घर में घुसते ही उन्होंने किचन से गैस सिलेंडर उठाया। गिरिजा देवी ने विरोध किया और उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन आरोपी युवकों ने जबरदस्ती सिलेंडर से रबर हटाकर उसे उठा लिया और तेजी से भाग निकले। घटना के महज 20 मिनट बाद जब नंद किशोर काम से लौटे, तो उनकी पत्नी ने रोते हुए सारी घटना बता दी। नंद किशोर तुरंत रघुवर गैस एजेंसी से संपर्क किया, जहां एजेंसी अधिकारियों ने साफ बताया कि उनका कोई कर्मचारी सिलेंडर लेने या जांच के लिए नहीं गया था। इसी से उन्हें चोरी का अंदाजा हुआ।
नंद किशोर ने तुरंत 112 पर फोन कर पुलिस को सूचना दी। चकेरी थाना प्रभारी अजय प्रकाश मिश्र की टीम मौके पर पहुंची और सीसीटीवी फुटेज खंगालने लगी। फुटेज में दोनों युवकों की बाइक, उनके कपड़े और चोरी की पूरी प्रक्रिया साफ दिख रही है। पुलिस अब फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है।
नंद किशोर ने बताया कि यह सिलेंडर उन्हें 26 मार्च को चार दिन लंबी कतार में लगने के बाद ही मिला था। अब सिलेंडर चोरी हो जाने से पूरे परिवार के सामने खाना बनाने की बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। उन्होंने कहा, “अब हमें लकड़ी के चूल्हे का सहारा लेना पड़ेगा। गरीब आदमी के लिए एक सिलेंडर भी बहुत मायने रखता है।” गिरिजा देवी ने बताया कि वह घायल अवस्था में अकेली थीं, इसलिए चोरों का विरोध नहीं कर सकीं।



