CrimeIndia

राजस्थान: टेलीग्राम टास्क के नाम पर नागौर में बड़ा साइबर फ्रॉड बेनकाब, 7000 से ज्यादा लोगों से ठगी करने वाला आरोपी गिरफ्तार

नागौर: एसपी रोशन मीणा के निर्देशन में नागौर पुलिस ने साइबर अपराधों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए टेलीग्राम के जरिए “टास्क स्कीम” चलाकर हजारों लोगों से ठगी करने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। इस मामले में पुलिस ने सरहद सिणोद से आरोपी राम कैलाश को दस्तयाब कर उसके कब्जे से 5 मोबाइल फोन और एक मोटरसाइकिल जब्त की है।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी टेलीग्राम पर ग्रुप और चैनल बनाकर लोगों को टास्क, साइनअप बोनस, रेफरल इनकम, एड व्यू रेवेन्यू और क्विक इनकम जैसे झूठे प्रलोभन देता था। वह खुद को कस्टमर सपोर्ट या केयर एजेंट बताकर लोगों का भरोसा जीतता और फिर फर्जी वेबसाइट व एडिट किए गए बैंक मैसेज दिखाकर उनसे पैसे ठग लेता था। आरोपी करीब एक महीने तक एक ही प्लेटफॉर्म चलाकर ठगी करता और फिर नई वेबसाइट बनाकर उसी तरीके से लोगों को निशाना बनाता था।

इस कार्रवाई को अंजाम देने में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आशाराम चौधरी और वृताधिकारी जतिन जैन के सुपरविजन में खींवसर थाना अधिकारी अदिति उपाध्याय के नेतृत्व में गठित टीम ने अहम भूमिका निभाई। पुलिस को संदिग्ध मोबाइल नंबर की लोकेशन सिणोद क्षेत्र में मिली, जिस पर टीम ने मौके पर पहुंचकर खेत में बने खंडहरनुमा कमरे से आरोपी को पकड़ लिया, जो पुलिस को देखकर भागने की कोशिश कर रहा था।

पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह टेलीग्राम ग्रुप “RCM Plus” के माध्यम से लोगों को जोड़कर उनसे चैटिंग करता था और फर्जी ट्रांजेक्शन स्क्रीनशॉट भेजकर विश्वास में लेता था। इस मामले में पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता 2023 की धाराओं और आईटी एक्ट के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अब तक आरोपी द्वारा 7000 से अधिक लोगों से लाखों रुपए की ठगी किए जाने का खुलासा हुआ है और अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है।

टीम में शामिल अधिकारी व कार्मिकों में अदिति उपाध्याय (थानाधिकारी), सोहनराम (हेड कांस्टेबल), बंजरग (कांस्टेबल), राजेन्द्र (कांस्टेबल), मुकेश (कांस्टेबल), उम्मेद सिंह (चालक कांस्टेबल), गुटटू (महिला कांस्टेबल), मुलाराम (प्रभारी साइबर सेल), पुनाराम गौदारा (हेड कांस्टेबल) और भरत कुमार (कांस्टेबल) शामिल रहे।

नागौर एसपी रोशन मीणा ने कहा कि साइबर ठग अब नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को निशाना बना रहे हैं, इसलिए आमजन को सतर्क रहने की जरूरत है। किसी भी प्रकार की टास्क स्कीम, पैसे डबल करने या आसान कमाई के झांसे में नहीं आएं। उन्होंने अपील की कि अगर किसी के साथ साइबर ठगी होती है तो तुरंत नजदीकी पुलिस थाने या साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।

नागौर पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध लिंक, मैसेज या स्कीम को नजरअंदाज करें और अपनी निजी जानकारी किसी के साथ साझा न करें। साथ ही, किसी भी आपराधिक गतिविधि की सूचना मोबाइल नंबर 8764521201 पर कॉल या व्हाट्सएप के माध्यम से दी जा सकती है।

contact.satyareport@gmail.com

Leave a Reply