महाराष्ट्र के अमरावती जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां पुलिस ने 180 से अधिक नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण और 350 से ज्यादा अश्लील वीडियो बनाने के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है. आरोपी की पहचान मोहम्मद अयाज उर्फ तनवीर के रूप में हुई है, जो पारातवाड़ा का निवासी बताया जा रहा है.
Satya Report: )
महाराष्ट्र के अमरावती जिले से नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण और अश्लील वीडियो बनाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है. इस मामले में पुलिस ने 19 वर्षीय मुख्य आरोपी अयान अहमद तनवीर को गिरफ्तार किया है, जिस पर कई लड़कियों का शोषण करने और उनके वीडियो रिकॉर्ड कर उन्हें वायरल करने का आरोप है. .
इस घटना ने पूरे इलाके में आक्रोश पैदा कर दिया है. पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी ने 350 से अधिक आपत्तिजनक वीडियो बनाए, जिनमें से लगभग 100 वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो चुके हैं. हालांकि, पुलिस ने अब तक सीमित संख्या में पीड़ितों की ही आधिकारिक पुष्टि की है. शुरुआती जांच में सात से आठ पीड़ितों की पहचान हुई है, लेकिन जांच एजेंसियों का मानना है कि यह संख्या आगे बढ़ सकती है.
दूसरा आरोपी भी गिरफ्तार, नेटवर्क की जांच
मामले में पुलिस ने एक अन्य आरोपी उजेर खान इकबाल खान को भी गिरफ्तार किया है. आरोप है कि उसने मुख्य आरोपी के मोबाइल से वीडियो डाउनलोड कर उन्हें सोशल मीडिया पर फैलाने में अहम भूमिका निभाई. पुलिस के अनुसार, इस गतिविधि ने अपराध को और गंभीर बना दिया, जिससे वीडियो तेजी से फैल गए. जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या इस पूरे मामले के पीछे कोई संगठित नेटवर्क काम कर रहा था.
विश्वास जीतकर करता था शोषण, फिर ब्लैकमेल
जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी लड़कियों से दोस्ती करता था, उनका विश्वास जीतता था और फिर उन्हें रिश्तों में फंसाकर उनका शोषण करता था. इसके बाद वह उनकी सहमति के बिना वीडियो रिकॉर्ड करता और उन्हीं वीडियो का इस्तेमाल उन्हें धमकाने और ब्लैकमेल करने के लिए करता था. आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 294, पॉक्सो एक्ट (POCSO) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 के तहत मामला दर्ज किया गया है. पुलिस ने आरोपी का मोबाइल फोन जब्त कर लिया है और उसमें से कई आपत्तिजनक वीडियो बरामद किए हैं. फोरेंसिक टीम डिलीट किए गए डेटा को रिकवर करने में जुटी हुई है, जिससे मामले के और भी पहलुओं का खुलासा हो सकता है. मुख्य आरोपी को 21 अप्रैल 2026 तक पुलिस हिरासत में भेजा गया है.
आरोपी रह चुका है AIMIM का सदस्य
इस मामले ने राजनीतिक मोड़ भी ले लिया है. कुछ नेताओं ने आरोप लगाया है कि मुख्य आरोपी का संबंध ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन से रहा है, जिसका नेतृत्व असदुद्दीन ओवैसी करते हैं. हालांकि, पार्टी के स्थानीय प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया है कि आरोपी का वर्तमान में पार्टी से कोई संबंध नहीं है, भले ही अतीत में उसका जुड़ाव रहा हो. घटना के बाद अमरावती के परातवाड़ा और अचलपुर क्षेत्रों में भारी आक्रोश देखने को मिला है. स्थानीय संगठनों ने सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन किए हैं. कुछ संगठनों ने बंद का आह्वान भी किया है, जिसके चलते प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है. पुलिस ने अतिरिक्त बल तैनात किया है और पूरे इलाके में हाई अलर्ट घोषित किया गया है.
पीड़ितों के लिए विशेष सहायता व्यवस्था
पुलिस ने पीड़ितों की पहचान और सहायता के लिए विशेष तंत्र स्थापित किया है, जिसमें महिला अधिकारियों को तैनात किया गया है. अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि पीड़ितों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और किसी भी तरह की जानकारी सार्वजनिक करना कानूनन अपराध होगा.
साथ ही, लोगों से अपील की गई है कि यदि उनके पास इस मामले से जुड़ी कोई जानकारी या सबूत है, तो वे आगे आकर जांच में सहयोग करें. दूसरे आरोपी की गिरफ्तारी के बाद अब मामले की जांच और तेज हो गई है. पुलिस हिरासत के दौरान दोनों आरोपियों से पूछताछ में कई अहम खुलासे होने की उम्मीद है. जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इस अपराध का दायरा कितना बड़ा है और क्या इसमें अन्य लोग भी शामिल हैं.



