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चित्रकूट में 17 साल की दलित छात्रा ने की खुदकुशी, परिजन बोले- खेत में बंधक बनाकर हुआ था गैंगरेप

उत्तर प्रदेश के चित्रकूट में दहला देने वाला मामला सामने आया है. यहां 17 साल की छात्रा ने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. परिजनों का आरोप है कि होली के दिन उसके साथ गैंगरेप हुआ था, लेकिन पुलिस ने उस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की. इसी से आहत होकर उसने यह कदम उठा लिया.

मृतका के परिजनों ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप. (Photo: Representational)

उत्तर प्रदेश के चित्रकूट से झकझोर देने वाली कहानी सामने आई है. यहां 11वीं की दलित छात्रा ने फांसी लगाकर जान दे दी. छात्रा के परिजनों का आरोप है कि होली के दिन वह पानी भरने गई थी, तभी गांव के तीन युवकों ने उसे बंधक बना लिया था और खेत में ले जाकर दो घंटे तक गैंगरेप की वारदात को अंजाम दिया था. इस घटना के बाद आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई न होने और आरोपियों के खुले घूमने से वह गहरे सदमे में थी. इसी के चलते उसने खौफनाक कदम उठा लिया.

 

दरअसल, यह मामला पहाड़ी थाना क्षेत्र के एक गांव का है. यहां 11वीं में पढ़ने वाली 17 साल की छात्रा ने फांसी लगाकर जान दे दी. इस पर उसके परिजनों ने आरोप लगाते हुए कहा कि बीते 4 मार्च को होली वाले दिन बेटी घर से कुछ दूर पानी भरने गई थी. उसी दौरान गांव के तीन लड़कों ने उसे बंधक बना लिया और खेत में ले जाकर मुंह में कपड़ा ठूंस दिया था. इसके गैंगरेप किया गया. जब बेटी काफी समय तक घर नहीं लौटी तो उसका छोटा भाई ढूंढने के लिए खेत तरफ गया. वहां बहन खेत में बदहवास हालत में मिली थी.

इसके बाद परिजन थाने पहुंचे, जहां उन्होंने आरोपियों के खिलाफ शिकायत की थी, लेकिन पुलिस ने उनको घटना से डायवर्ट करते हुए कहा कि ऐसा केस करोगे तो तुम्हारी बेटी की शादी नहीं होगी. तुम हल्का केस लिखाओ. छात्रा के परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने उनसे होली पर सिर्फ रंग लगाने की तहरीर लेकर कार्रवाई का आश्वासन दिया और उन्हें थाने से लौटा दिया.

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