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नासिक MNC धर्मांतरण केस: आरोपियों को ‘पीड़ित’ बताने की कोशिश क्यों? बचाने को एक्टिव हुआ ‘वैचारिक गैंग’

नासिक में MNC धर्मांतरण केस में अब नया मोड़ आ गए हैं. हिंदू लड़कियों के यौन उत्पीड़न के मामले में पकड़े गए आरोपियों को ‘पीड़ित’ बताने का अभियान शुरू हो गया है. इसके लिए ‘वैचारिक गैंग’ एक्टिव हो गया है.
फाइल फोटो

 नासिक के मल्टीनेशनल कंपनी में पूर्ण धर्मांतरण पर रोज नए खुलासे हो रहे हैं. अतिवादियों के पाप के बारे में नई-नई जानकारी सामने आ रही है. पीड़ितों का सच रोंगटे खड़ा करने वाला है. लेकिन धर्मांतरण कराने वाले कट्टपरंथियों के वैचारिक साथी ये साबित करने में जुटे हैं कि जो आरोपी हैं, वही पीड़ित है. इन बौद्धिक बेइमानों को हम सबसे पहले कुछ सच बताना चाहेंगे.

रिसॉर्ट पर ले जाकर करते थे उत्पीड़न

SIT की जांच में पता चला है कि आरोपी अपनी हिंदू महिला सहकर्मियों को लेकर नासिक के त्रयंबकेश्वर रोड पर बने रिसॉर्ट पर आते थे. SIT की टीम रिसॉर्ट में पीड़िता को टॉर्चर करने, उसका यौन उत्पीड़न करने और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने की जांच कर रहे है. जांच टीम ने CCTV फुटेज जब्त कर ली  है. अब तक 12 पीड़िता सामने आ चुकी हैं. दानिश, तौसिफ, शफी, शाहरूख समेत 7 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है. एचआर मैनेजर निदा खान को भी SIT की टीम ने पकड़ा है.

ये जो निदा खान है..वो POSH एक्ट के तहत यौन उत्पीड़न रोकथाम समिति का हिस्सा थीं. लेकिन उसी पर  महिला कर्मचारियों को अपना धर्म बदलने के लिए मानसिक रूप से प्रताड़ित करने और ब्रेनवॉश करने के गंभीर आरोप हैं. वह इस ‘धर्मांतरण गिरोह’ का सक्रिय हिस्सा थीं. कई शिकायतें उनके पास पहुंचीं, लेकिन उन्होंने उन्हें नजरअंदाज कर दिया या ऊपर नहीं भेजा

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