Madhya Pradesh

मंच पर मुक्के मारे, माला फेंकी, धक्का तक दे दिया… BJP MLA से क्यों नाराज हो गए संत सीताराम? देखें Video

Bhind News: मध्य प्रदेश के भिंड जिले की मौ तहसील के रसनौल गांव में स्थित श्रीराम-जानकी एवं हनुमान मंदिर, जिसे स्थानीय लोग ‘मस्तराम बाबा स्थान’ के नाम से जानते हैं. यह एक बार फिर चर्चा में है. मंदिर से जुड़े संत सीताराम महाराज का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसमें वे भागवत कथा के दौरान मंच पर पहुंचे बीजेपी विधायक प्रदीप अग्रवाल को धक्का देते नजर आ रहे हैं. यही नहीं वीडियो में देखा जा सकता है कि विधायक प्रदीप अग्रवाल को बाबा ने मुक्के भी मारे और उनके द्वारा पहनाई गई माला को भी फेंक दिया.

मंच पर मुक्के मारे, माला फेंकी, धक्का तक दे दिया… BJP MLA से क्यों नाराज हो गए संत सीताराम? देखें Video
मंच पर मुक्के मारे, माला फेंकी, धक्का तक दे दिया… BJP MLA से क्यों नाराज हो गए संत सीताराम? देखें Video

मस्तराम बाबा के शिष्य हैं सीताराम महाराज

बता दें कि रसनौल गांव में स्थित श्रीराम-जानकी एवं हनुमान मंदिर का संबंध पूर्व संत मस्तराम बाबा से रहा है, जिनका स्वभाव अनोखा बताया जाता है. उनके शिष्य रहे सीताराम महाराज पिछले कई वर्षों से मंदिर की सेवा कर रहे हैं. स्थानीय लोगों के अनुसार, सीताराम महाराज का व्यवहार भी कभी शांत और भक्ति में लीन तो कभी क्रुद्ध रूप में देखने को मिलता है. उनके अनुयायी इसे आध्यात्मिक आचरण मानते हैं.

विधायक की पहनाई माला उतारकर फेंकी

हाल ही में बेरछा गांव में आयोजित भागवत कथा के दौरान जब बीजेपी विधायक प्रदीप अग्रवाल मंच पर सीताराम महाराज का सम्मान करने पहुंचे तो अचानक सीताराम महाराज का व्यवहार बदल गया. वीडियो में दिख रहा है कि उन्होंने विधायक को धक्का दिया और पहनाई गई माला को उतारकर फेंक दिया. यह वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो गया.

बीजेपी विधयाक ने बताया ‘प्रभु का आशीर्वाद’

इस घटना को लेकर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं. कुछ लोग इसे सीताराम महाराज का आशीर्वाद या परंपरा का हिस्सा मान रहे हैं तो वहीं कई लोग इसे अनुचित व्यवहार बता रहे हैं. हालांकि खुद बीजेपी विधायक प्रदीप अग्रवाल ने इस घटना को सहजता से लेते हुए इसे ‘प्रभु का आशीर्वाद’ बताया है.

स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा में है कि संत सीताराम महाराज अपने पास हथियार रखते हैं और सार्वजनिक रूप से उनका प्रदर्शन करते देखे गए हैं. हालांकि इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि या कोई पुलिस कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आई है. संता सिताराम महाराज का वीडियो वायरल होने के बाद जहां एक ओर आस्था और परंपरा की चर्चा हो रही है तो वहीं दूसरी ओर सार्वजनिक मंच पर ऐसे व्यवहार को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं.

contact.satyareport@gmail.com

Leave a Reply