उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में एक व्यक्ति द्वारा अपनी बेटी का शव करीब चार महीने तक घर में ही रखने का मामला सामने आया है। पुलिस ने शनिवार को इस घटना की जानकारी दी। पुलिस क्षेत्राधिकारी (मेरठ) संजीव कुमार के अनुसार, जिले के सदर बाजार थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि कई महीनों से बंद एक घर कभी-कभार एक व्यक्ति हाल ही में आता जाता है।

सूत्रों के मुताबिक, बीच-बीच में वह घर आकर बदबू दूर करने के लिए परफ्यूम का इस्तेमाल करता था। पुलिस के मुताबिक, उसकी बेटी के बारे में पूछताछ की गई तो उसने पहले टालमटोल किया, लेकिन बाद में बताया कि बीमारी के कारण उसकी बेटी की मृत्यु हो गई थी और उसने शव को घर के एक कमरे में बंद कर दिया था।

सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घर के अंदर से युवती का सड़ा-गला शव बरामद किया, जो काफी हद तक कंकाल में तब्दील हो चुका था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी की पहचान उदय भानु विश्वास (76) के रूप में हुई है, जो मूल रूप से पश्चिम बंगाल का निवासी है और शिक्षा विभाग में प्रशासनिक अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त है।

वह मेरठ के सदर बाजार स्थित तेली मोहल्ले में अपनी बेटी प्रियंका विश्वास (35) के साथ रहते थे। प्रियंका एक निजी स्कूल में शिक्षिका थी। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि युवती की मौत एक दिसंबर 2025 को कथित रूप से बीमारी के कारण हुई थी। हालांकि, आरोपी ने न तो किसी को इसकी सूचना दी और न ही अंतिम संस्कार किया। वह कई दिनों तक शव के साथ घर में ही रहा और दुर्गंध को छिपाने के लिए परफ्यूम का इस्तेमाल करता रहा।

मामले में फॉरेंसिक विभाग की टीम ने साक्ष्य एकत्र किए हैं। पुलिस ने आरोपी पिता को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है और मामले की गहन जांच जारी है। पुलिस ने बताया कि हाल में आरोपी घर से कूड़ा भरकर हरिद्वार चला गया था और हाल ही में वापस लौटा। शुक्रवार को रिश्तेदारों को शक होने पर वे घर पहुंचे।

घर से तेज दुर्गंध आने पर उन्होंने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची फॉरेंसिक विभाग की टीम ने साक्ष्य एकत्र किए हैं। पुलिस ने आरोपी पिता को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है और मामले की गहन जांच जारी है। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि महिला की मौत प्राकृतिक कारणों से थी या इसके पीछे कोई अन्य कारण था।