NIT Kurukshetra student suicide: हरियाणा के कुरुक्षेत्र स्थित एनआईटी कैंपस में बिहार की एक छात्रा की आत्महत्या का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. गुरुवार देर रात तक भारी हंगामा हुआ. छात्र कैंपस में विरोध प्रदर्शन करते रहे. स्थिति को बिगड़ता देख प्रशासन ने मेन गेट बंद कर दिया और पुलिस को बुलाना पड़ा, जिससे छात्र और ज्यादा नाराज़ हो गए.

छात्रों ने धरना देते हुए साफ कहा कि जब तक उस प्रोफेसर पर कार्रवाई नहीं होती, जिसने कथित तौर पर दीक्षा को ब्रह्मसरोवर जाकर सुसाइड करने की बात कही थी, वे आंदोलन जारी रखेंगे. साथ ही स्पोर्ट्स इंचार्ज शहाबुद्दीन को सस्पेंड करने की मांग भी उठी.
हॉस्टल रूम में लगा ली थी फांसी
दीक्षा आर्टिफिशियल एंड डेटा साइंस स्ट्रीम की सेकेंड ईयर की छात्रा थी. उसने गुरुवार दोपहर लैब से लौटने के बाद अपने हॉस्टल रूम में फंदा लगाकर जान दे दी. बताया जा रहा है कि उसने अपनी नोटबुक में एक आखिरी संदेश भी छोड़ा था. दीक्षा बिहार के बक्सर की रहने वाली थी.
छात्रों का आरोप है कि घटना के बाद वार्डन ने तुरंत गेट नहीं खोला और हेल्थ टीम ने भी बाहर से ही देखकर उसे मृत घोषित कर दिया, जो बेहद संवेदनहीन रवैया था. दीक्षा का शव काफी देर तक कमरे में लटका रहा, लेकिन समय रहते कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई. छात्रों के मुताबिक, आरोपी प्रोफेसर ने छात्रा को ब्रह्मसरोवर में जाकर सुसाइड करने की बात कही थी.
छात्रों ने लगाए गंभीर आरोप
छात्रों का कहना है कि पिछले डेढ़ से दो महीने में यह चौथा आत्महत्या का मामला है, लेकिन प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया. कुछ छात्रों ने आरोप लगाया कि एक प्रोफेसर अक्सर अपमानजनक बातें करते हैं और यहां तक कह चुके हैं कि अगर सुसाइड करना है तो कॉलेज के बाहर जाकर करो. शिक्षकों द्वारा मानसिक उत्पीड़न किया जाता है और डिग्री रोकने की धमकी दी जाती है.
घटना के बाद प्रशासन ने छात्रों को छुट्टियां देकर घर भेजने की कोशिश की, जिसे छात्रों ने मामले को दबाने की साजिश बताया. उनका कहना है कि वे सिर्फ अपनी साथी को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं और इस पूरे मामले की सीबीआई जांच होनी चाहिए.
जानकारी के अनुसार, दीक्षा गुरुवार सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक लैब में थी. इसके बाद वह एक दोस्त के साथ हॉस्टल लौटी. उसकी दोस्त मैस में खाना खाने चली गई, जबकि दीक्षा सीधे अपने कमरे में चली गई. जब उसने फोन कॉल का जवाब नहीं दिया तो दोस्त कमरे पर पहुंची, जहां दरवाजा अंदर से बंद था. खिड़की से झांकने पर दीक्षा को फंदे पर लटका पाया गया.
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की. शाहाबाद के डीएसपी राजकुमार के अनुसार, एनआईटी डायरेक्टर ने छात्रों को उनकी मांगों पर विचार करने का आश्वासन दिया है और संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की बात कही गई है. साथ ही पुलिस ने निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया है.



