नियति का खेल भी बड़ा अजीब होता है, जो दोस्त गांव की गलियों में एक साथ खेलते थे और रोजी-रोटी की तलाश में एक साथ काम पर निकलते थे, मौत ने भी उन्हें एक ही पल में अपनी आगोश में ले लिया. मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में रविवार को डिंडोरी जिले से गिट्टी लेने जा रहा एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर भीषण सड़क हादसे का शिकार हो गया. इस हादसे में ट्रैक्टर के इंजन के नीचे दबने से चार युवकों की दर्दनाक मौत हो गई. हादसा इतना भयानक था कि ट्रैक्टर का इंजन सीधे सवार चार युवकों के ऊपर जा गिरा. इंजन के भारी वजन के नीचे दबने के कारण चारों दोस्तों को संभलने तक का मौका नहीं मिला और उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई. सूचना पर पहुंची पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से चारों को ट्रैक्टर के नीचे से निकाला और पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है.

जानकारी के मुताबिक, यह पूरी घटना करनपठार थाना क्षेत्र के ठाढ़पाथर तालाब के पास की है. डिंडोरी जिले के करंजिया क्षेत्र स्थित भीमकुंडी गांव के रहने वाले चार युवक ट्रैक्टर पर सवार होकर अनूपपुर के पौनी स्थित क्रेशर से गिट्टी लेने निकले थे. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रैक्टर की गति काफी तेज थी. जैसे ही ट्रैक्टर ठाढ़पाथर तालाब के पास पहुंचा चालक ने संतुलन खो दिया और वाहन सड़क किनारे पलट गया. हादसे की तस्वीर इतनी भयावह थी कि ट्रैक्टर के चारों पहिए हवा में नजर आ रहे थे और पूरा इंजन नीचे दब चुका था. मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने जब यह मंजर देखा तो उनकी रूह कांप गई. ट्रैक्टर के नीचे दबे युवकों के शरीर में कोई हलचल नहीं हो रही थी.
सड़क हादसे में चार दोस्तों की गई जान
इस भीषण सड़क हादसे ने भीमकुंडी गांव के चार हंसते-खेलते परिवारों की खुशियां छीन लीं. मृतकों की पहचान 24 वर्षीय अंकुश उईके, 20 वर्षीय बृजेश पेंद्रो, 18 वर्षीय प्रकाश मार्को और 30 वर्षीय रविन्द्र कुमार गोयल के रूप में हुई है. बताया जा रहा है की घटना के समय इस ट्रैक्टर को अंकुश उइके चला रहा था. परिजनों ने बताया कि ये चारों केवल ग्रामीण ही नहीं, बल्कि गहरे दोस्त भी थे. गांव में जहां कहीं भी काम मिलता था ये चारों साथ में ही जाते थे. रविवार की सुबह भी वे काम के सिलसिले में ही गिट्टी लेने निकले थे, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था.
हादसे की सूचना मिलते ही करनपठार थाना प्रभारी वीरेंद्र कुमार बरकड़े अपनी टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे. पुलिस ने स्थानीय लोगों की सहायता से घंटों की मशक्कत के बाद इंजन के नीचे दबे शवों को बाहर निकाला. पुलिस ने पंचनामा तैयार कर शवों को पोस्टमार्टम के लिए बेनीबारी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भेज दिया है.
तेज रफ्तार ने लील ली जिंदगी
थाना प्रभारी वीरेंद्र कुमार बरकड़े ने बताया यह घटना सुबह करीब 6 बजे की है. शुरुआती जांच में हादसे का मुख्य कारण ट्रैक्टर की अत्यधिक रफ्तार और चालक का नियंत्रण खोना प्रतीत हो रहा है. ट्रैक्टर के पलटते ही उसका भारी-भरकम इंजन सवारों के ऊपर गिरा, जिससे उनकी जान चली गई. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
जैसे ही हादसे की खबर डिंडोरी के भीमकुंडी गांव पहुंची, वहां सन्नाटा पसर गया. देखते ही देखते घटनास्थल पर परिजनों और ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई. अपने अपनों के शवों को देख परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. एक ही गांव के चार होनहार युवकों की एक साथ मौत से पूरे इलाके में शोक की लहर है. पुलिस अब इस बात की तफ्तीश कर रही है कि क्या हादसे के पीछे कोई तकनीकी खराबी भी थी या सिर्फ लापरवाही ने इन चार जिंदगियों को लील लिया.



