Satya Report: आज के दौर में जब लोग संदेश भेजने के लिए WhatsApp, Telegram और दूसरे डिजिटल साधनों का इस्तेमाल कर रहे हैं. ऐसे में बहुत कम ही लोग होंगे जो पोस्टकार्ड या चिट्ठी के जरिए अब संदेश भेजते हैं. आपको याद होगा कि पहले कैसे भारतीय डाक के जरिए लोग संदेश भेजने के लिए चिट्ठी या पोस्टकार्ड का इस्तेमाल करते थे. समय बदला और काम करने का तरीका भी बदल गया.

अब आप सोच रहे होंगे कि ये सब बाते में आपको क्यों बता रहा हूं. दरअसल समय के साथ-साथ भारतीय डाक विभाग ने अपने काम करने के तरीके को बदला. जिसका नतीजा यह हुआ कि भारतीय डाक विभाग ने इतिहास दर्ज किया है.
15,296 करोड़ की कर डाली इनकम .
अपने काम करने के तरीकों को बदल कर भारतीय डाक विभाग ने वित्त वर्ष 2025-26 में 15,296 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया, जो एक साल पहले की तुलना में 16 प्रतिशत अधिक है. संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सोमवार को यह जानकारी दी. सिंधिया ने डाक विभाग की वार्षिक कारोबारी बैठक के बाद यहां संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि विभाग के लिए यह वर्ष ऐतिहासिक रहा है. वित्त वर्ष 2024-25 में विभाग का राजस्व 13,218 करोड़ रुपये था, जो 2025-26 में बढ़कर 15,296 करोड़ रुपये हो गया.
ऐसे बदलता गया काम का तरीका
डाक विभाग के कार्यशैली में परिवर्तन और नए तरीकों के चलते ही यह उपलब्धि हासिल हो सकी है. सिधिंया ने कहा कि सेवाओं की पहुंच बढ़ाने, नए ग्राहकों को जोड़ने और ग्राहकों के साथ सिक्स सिग्मा स्तर के सेवा समझौतों को लागू करने पर जोर दिया जा रहा है, जिससे अगले वित्त वर्ष में और अधिक वृद्धि हासिल करने का लक्ष्य है. उन्होंने कहा, यह विभाग के लिए एक ऐतिहासिक वर्ष रहा है। हमने इस साल तीन नए उत्पाद भी पेश किए। अब हमारा ध्यान सेवाओं के विस्तार, नए ग्राहकों के अधिग्रहण और सख्त सिक्स सिग्मा सेवा मानकों के अनुरूप प्रदर्शन पर है, ताकि नए वित्त वर्ष में और भी बेहतर वृद्धि दर्ज की जा सके. संचार मंत्री ने कहा कि डाक विभाग ने लंबे समय बाद 15 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर हासिल की है और इस रफ्तार को आगे भी कायम रखने का प्रयास किया जाएगा.



