Satya Report: प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में रेड की है. केंद्रीय जांच एजेंसी ने बिटकॉइन चोरी, हैकिंग और मनी लॉन्ड्रिंग केस जैसे मामलों को लेकर 12 ठिकानों पर छापेमारी की है. ED ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चर्चित आरोपी श्रीकृष्ण उर्फ श्रीकी और उसके साथियों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग केस में ये छापेमारी की.

ईडी ने ये कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत की है. ED की ये जांच कर्नाटक पुलिस द्वारा दर्ज कई FIR और चार्जशीट के आधार पर शुरू हुई थी. आरोप है कि आरोपी राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय वेबसाइट्स हैक करते थे. बिटकॉइन और दूसरी डिजिटल करेंसी चोरी करते थे और लोगों से उगाही करते थे. इसके अलावा इनमें NDPS एक्ट के उल्लंघन जैसे मामले भी शामिल हैं.
जांच एजेंसी के मुताबिक आरोपियों का काम करने का तरीका बेहद संगठित था. पहले वेबसाइट्स और क्रिप्टो वॉलेट हैक कर वर्चुअल डिजिटल एसेट्स यानी बिटकॉइन जैसी करेंसी चोरी की जाती थी. इसके बाद चोरी की गई करेंसी को अलग-अलग क्रिप्टो ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर बेचकर रकम को छिपाया जाता था. फिर ये पैसा बैंक खातों में ट्रांसफर कर लेयरिंग के जरिए वैध दिखाने की कोशिश की जाती थी. .
ED का कहना है कि इस पैसे का इस्तेमाल श्रीकृष्ण उर्फ श्रीकी और उसके करीबियों द्वारा निजी फायदे के लिए किया गया. इस छापेमारी में Mohammed Haris Nalapad और Omar Farook Nalapad के घर भी शामिल हैं. दोनों N A Harris के बेटे बताए जा रहे हैं, जो बेंगलुरु की Shantinagar Constituency सीट से मौजूदा विधायक हैं.
ED के अनुसार मोहम्मद हारिस नलपाड और उमर फारूक नलपाड, श्रीकृष्ण के करीबी सहयोगी है और कथित अपराध की कमाई के बड़े लाभार्थियों में शामिल हैं. फिलहाल एजेंसी दस्तावेज, बैंक रिकॉर्ड, डिजिटल डिवाइस और क्रिप्टो ट्रांजैक्शन से जुड़े सबूत खंगाल रही है.



