Business

कोल इंडिया से इस छोटी रिन्यूएबल कंपनी को मिला 3400 करोड़ का ऑर्डर,16% उछल गया शेयर!

Satya Report: शेयर बाजार में अक्सर एक मजबूत ऑर्डर बुक किसी भी कंपनी के शेयरों की दिशा तय करने का काम करती है. सोमवार, 20 अप्रैल को स्टर्लिंग एंड विल्सन रिन्यूएबल एनर्जी (Sterling and Wilson Renewable Energy) के निवेशकों ने ऐसा ही शानदार मुनाफा अपनी स्क्रीन पर देखा. कारोबारी सत्र के दौरान इस स्मॉल-कैप कंपनी के शेयरों में अचानक भारी खरीदारी शुरू हो गई और देखते ही देखते स्टॉक 16 प्रतिशत से ज्यादा की लंबी छलांग लगाकर दिन के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया. इस तूफानी तेजी के पीछे की वजह कंपनी को मिले नए और बड़े घरेलू ऑर्डर हैं, जिन्होंने निवेशकों का भरोसा रातों-रात बढ़ा दिया है.

कोल इंडिया से इस छोटी रिन्यूएबल कंपनी को मिला 3400 करोड़ का ऑर्डर,16% उछल गया शेयर!
कोल इंडिया से इस छोटी रिन्यूएबल कंपनी को मिला 3400 करोड़ का ऑर्डर,16% उछल गया शेयर!

कोल इंडिया के टेंडर से रातों-रात बदली तस्वीर

कंपनी के शेयरों में आए इस जबरदस्त उछाल का सबसे बड़ा कारण कोल इंडिया (Coal India) का एक मेगा टेंडर है. स्टर्लिंग एंड विल्सन ने राजस्थान के बीकानेर में 875 मेगावाट (AC) क्षमता वाले ग्रिड कनेक्टेड सोलर पीवी प्रोजेक्ट के लिए टर्नकी ईपीसी (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन) पैकेज का ठेका हासिल कर लिया है. कंपनी इस टेंडर में सबसे कम (L1) बोली लगाने वाली घोषित की गई है. इस ऑर्डर की अहमियत का अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि टैक्स और ऑपरेशन-मेंटेनेंस (O&M) को मिलाकर इस डील की कुल वैल्यू 3,490 करोड़ रुपये बैठती है. दिलचस्प बात यह है कि कंपनी का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन ही 5,000 करोड़ रुपये के थोड़ा ऊपर है, जिसका मतलब है कि यह अकेला ऑर्डर कंपनी की कुल मार्केट वैल्यू के 70 फीसदी के बराबर है. .

झोली में गिरे और भी ऑर्डर

राजस्थान के इस प्रोजेक्ट के साथ-साथ कंपनी ने महाराष्ट्र में भी एक बड़ी डील क्रैक की है. स्टर्लिंग एंड विल्सन को भारत के एक प्रमुख प्राइवेट इंडिपेंडेंट पावर प्रोड्यूसर (IPP) की तरफ से 50 मेगावाट (AC) क्षमता वाले सोलर प्रोजेक्ट का ऑर्डर भी मिला है. एक के बाद एक मिल रही इन सफलताओं ने कंपनी की ऑर्डर बुक को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है. मैनेजमेंट के मुताबिक, इन नए कॉन्ट्रैक्ट्स के जुड़ने के बाद वित्त वर्ष 2026 (FY26) में कुल ईपीसी ऑर्डर इनफ्लो का आंकड़ा 10,062 करोड़ रुपये को पार कर गया है.

स्टर्लिंग एंड विल्सन रिन्यूएबल एनर्जी ग्रुप के ग्लोबल सीईओ, चंद्र किशोर ठाकुर ने इस मौके पर कहा कि कोल इंडिया के रिन्यूएबल एनर्जी विजन का हिस्सा बनना उनके लिए बेहद गर्व की बात है. उन्होंने स्पष्ट किया कि 10,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का ऑर्डर इनफ्लो उनके शुरुआती अनुमानों से कहीं ज्यादा है. भारत में सोलर एनर्जी का इंफ्रास्ट्रक्चर तेजी से विकसित हो रहा है, और देश की लीडिंग सोलर ईपीसी कंपनी होने के नाते वे इस ग्रोथ की रफ्तार को बनाए रखने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं.

निवेशकों के लिए कैसा है रिटर्न का मीटर?

बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर सुबह 11:55 बजे के करीब यह रिन्यूएबल एनर्जी शेयर 15.16 फीसदी की जोरदार तेजी के साथ 224 रुपये पर कारोबार कर रहा था, जो कि इसका इंट्रा-डे हाई है. हालांकि, अगर लंबे नजरिए से देखें तो यह स्टॉक अभी भी अपने उच्चतम स्तरों से करेक्शन के दौर में है. यह शेयर जून 2025 में बनाए गए अपने 52-हफ्ते के उच्चतम स्तर 348.90 रुपये से अभी भी 37 फीसदी से ज्यादा नीचे ट्रेड कर रहा है. वहीं, मार्च 2026 में इसने 148.30 रुपये का 52-हफ्ते का निचला स्तर छुआ था. हालिया ट्रेंड को देखें तो बीते एक महीने के भीतर स्टॉक में करीब 26 फीसदी की मजबूत रिकवरी देखने को मिली है, लेकिन पिछले एक साल का कुल गणित अभी भी निवेशकों को 26 फीसदी का नुकसान ही दिखा रहा है.

Disclaimer: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए. TV9 भारतवर्ष अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है.

contact.satyareport@gmail.com

Leave a Reply