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दिखावे से ज्यादा अनुभव पर जोर! रईस ग्राहकों की नई पसंद ने रिटेल बाजार के सामने खड़ी की बड़ी चुनौती; जानें चौंकाने वाले आंकड़े

Satya Report: भारत के अमीर लोगों की खर्च करने की आदतों में तेजी से बदलाव आ रहा है. अब वे पहले की तरह सिर्फ कपड़े, गैजेट या अन्य सामान खरीदने पर पैसा खर्च नहीं कर रहे, बल्कि ट्रैवल, लग्जरी डाइनिंग और खास अनुभवों पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं.

दिखावे से ज्यादा अनुभव पर जोर! रईस ग्राहकों की नई पसंद ने रिटेल बाजार के सामने खड़ी की बड़ी चुनौती; जानें चौंकाने वाले आंकड़े
दिखावे से ज्यादा अनुभव पर जोर! रईस ग्राहकों की नई पसंद ने रिटेल बाजार के सामने खड़ी की बड़ी चुनौती; जानें चौंकाने वाले आंकड़े

रिटेल का घटता हिस्सा

रिपोर्ट के मुताबिक, कुल खर्च बढ़ने के बावजूद रिटेल का हिस्सा कम हो रहा है. उभरते अमीर वर्ग में जहां करीब 50% खर्च रिटेल पर होता है, वहीं बेहद अमीर लोगों में यह घटकर लगभग 28% रह जाता है. इसका कारण यह है कि लोग अब यात्रा, मनोरंजन और लाइफस्टाइल एक्सपीरियंस पर ज्यादा खर्च कर रहे हैं.

अनुभवों की ओर बढ़ता रुझान

विशेषज्ञों का मानना है कि अब अमीरी सिर्फ कमाई से नहीं, बल्कि इस बात से तय होती है कि लोग अपना पैसा कहां खर्च करते हैं. आज के उपभोक्ता कॉन्सर्ट, वेलनेस रिट्रीट और एक्सक्लूसिव इवेंट्स जैसे अनुभवों को ज्यादा महत्व दे रहे हैं. यानी चीजें खरीदने से ज्यादा अनुभव लेने का ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है.

प्रीमियम खरीदारी में भी तेजी

हालांकि रिटेल का हिस्सा घट रहा है, लेकिन प्रीमियम प्रोडक्ट्स की खरीद कम नहीं हुई है. आंकड़ों के अनुसार, 4 में से 3 अमीर भारतीय हर तिमाही में कम से कम एक महंगी खरीद करते हैं, जबकि हर 4 में से 1 व्यक्ति हर दो हफ्ते में कोई प्रीमियम प्रोडक्ट खरीदता है. ज्वेलरी और हाई-एंड गैजेट्स पर खर्च भी लगातार बढ़ रहा है.

रिटेल सेक्टर में बदलाव की जरूरत

इस बदलते ट्रेंड को देखते हुए कंपनियां अब अपने स्टोर्स को नए तरीके से डिजाइन कर रही हैं. अब सिर्फ प्रोडक्ट दिखाना काफी नहीं है, बल्कि ग्राहकों को एक बेहतर अनुभव देना जरूरी हो गया है. कई ब्रांड्स अपने स्टोर्स में पर्सनलाइज्ड सर्विस, इंटरएक्टिव डिस्प्ले और इमर्सिव माहौल तैयार कर रहे हैं. .

मॉल्स बन रहे हैं एक्सपीरियंस सेंटर

मॉल्स भी अब सिर्फ शॉपिंग तक सीमित नहीं हैं. यहां गेमिंग, बॉलिंग, लाइव इवेंट्स और फूड एक्सपीरियंस जैसे कई विकल्प जोड़े जा रहे हैं, ताकि लोग ज्यादा समय बिताएं और बार-बार आएं. खासकर युवाओं में ऐसे अनुभवों की मांग तेजी से बढ़ रही है.

आगे क्या?

विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव अस्थायी नहीं है, बल्कि लंबे समय तक रहने वाला है. रिटेल खत्म नहीं हो रहा, लेकिन उसका रोल बदल रहा है. अब यह एक बड़े लाइफस्टाइल इकोसिस्टम का हिस्सा बनता जा रहा है, जहां ग्राहकों को खरीदारी के साथ-साथ एक यादगार अनुभव भी चाहिए.

contact.satyareport@gmail.com

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