Satya Report: ITR Filing 2026: टैक्स का मौसम एक बार फिर दस्तक दे रहा है. असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फॉर्म जारी हो चुके हैं और जल्द ही इसे फाइल करने की ऑनलाइन-ऑफलाइन सुविधाएं भी शुरू होने वाली हैं. अक्सर देखने में आता है कि कई लोग आखिरी वक्त पर रिटर्न भरने बैठते हैं और जरूरी कागजातों के लिए परेशान होते हैं. आधी-अधूरी तैयारी के साथ फाइल किए गए रिटर्न में न सिर्फ गलतियों की गुंजाइश ज्यादा होती है, बल्कि आप कई जरूरी टैक्स छूट क्लेम करना भी भूल सकते हैं. इसका असर रिफंड आने में भी हफ्तों की देरी हो सकती है. ऐसे में समझदारी इसी में है कि ITR भरने की प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही अपने सभी जरूरी दस्तावेज एक जगह सहेज कर रख लें.

ये हैं सबसे अहम दस्तावेज, बिना इनके नहीं बनेगी बात
टैक्स फाइलिंग की शुरुआत आपके बेसिक पहचान पत्रों से होती है. आपका पैन कार्ड (PAN) इस पूरी प्रक्रिया का सबसे अहम हिस्सा है. रिटर्न भरने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि आपका पैन कार्ड आपके आधार कार्ड से लिंक है. इसके साथ ही इनकम टैक्स पोर्टल पर अपना मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी जरूर अपडेट कर लें, ताकि ई-वेरिफिकेशन के लिए आने वाले ओटीपी (OTP) और विभाग की जरूरी सूचनाएं आपको बिना किसी रुकावट के मिल सकें.
अगर आप नौकरीपेशा हैं, तो फॉर्म 16 (Form 16) आपका सबसे बड़ा हथियार है. यह दस्तावेज आपका नियोक्ता (एम्प्लॉयर) जारी करता है, जिसमें आपकी कुल सैलरी, काटे गए टैक्स (TDS) और विभिन्न भत्तों की पूरी डिटेल होती है. यदि आपने बीते वित्तीय वर्ष में अपनी नौकरी बदली है, तो आपको अपनी दोनों या सभी पुरानी कंपनियों से फॉर्म 16 लेना अनिवार्य है. .
26AS और AIS से करें मिलान
सैलरी के अलावा भी हमारी कमाई के कई जरिये होते हैं. ऐसे में फॉर्म 26AS और एनुअल इंफॉर्मेशन स्टेटमेंट (AIS) डाउनलोड करना न भूलें. ये दस्तावेज आपके वित्तीय लेन-देन का आईना हैं. इनमें आपके नाम पर जमा हुआ टीडीएस, बैंक खाते से मिला ब्याज, और शेयर बाजार या म्यूचुअल फंड में किए गए ट्रांजैक्शन का पूरा हिसाब होता है. अपने बैंक स्टेटमेंट और इन दस्तावेजों का मिलान जरूर करें. अक्सर लोग सेविंग अकाउंट या एफडी (FD) से मिलने वाले ब्याज को अपनी आय में दिखाना भूल जाते हैं, जो बाद में टैक्स नोटिस का कारण बन सकता है. इसके अलावा, अपनी सैलरी स्लिप भी पास रखें, क्योंकि इससे पीएफ (PF) और अन्य कटौतियों का सटीक आंकड़ा मिलता है.
टैक्स बचाने की ढाल हैं ये कागज
अगर आपने पुरानी टैक्स व्यवस्था (Old Tax Regime) का चुनाव किया है, तो टैक्स बचाने के लिए निवेश के प्रमाण पत्र जुटाना बेहद जरूरी है. लाइफ इंश्योरेंस (LIC), पीपीएफ (PPF), ईएलएसएस (ELSS), बच्चों की ट्यूशन फीस और हेल्थ इंश्योरेंस की रसीदें फाइल में लगा लें. जिन करदाताओं ने होम लोन लिया है, वे बैंक से सालाना इंटरेस्ट सर्टिफिकेट जरूर ले लें, ताकि मूलधन और ब्याज दोनों पर मिलने वाली छूट का सही तरीके से फायदा उठाया जा सके. जो लोग किराये के मकान में रहते हैं और एचआरए (HRA) क्लेम करना चाहते हैं, उनके पास रेंट एग्रीमेंट और मकान मालिक को दिए गए किराये की रसीदें होनी चाहिए.
हर मुनाफे का रखें रिकॉर्ड
नौकरी के अलावा अगर आपकी कमाई फ्रीलांसिंग, पेंशन, डिविडेंड या किसी प्रॉपर्टी के किराये से हो रही है, तो उसकी जानकारी भी रिटर्न में देनी होती है. पिछले वित्तीय वर्ष में अगर आपने कोई प्रॉपर्टी, सोना, शेयर या म्यूचुअल फंड बेचा है, तो उससे जुड़े खरीद-बिक्री के दस्तावेज (तारीख और कीमत सहित) तैयार रखें. इससे कैपिटल गेन टैक्स की सही गणना करने में मदद मिलती है. अपना पिछले साल का ITR फॉर्म भी संदर्भ के लिए साथ रखें, इससे पुरानी डिटेल्स भरने में काफी सहूलियत होती है.
अगर आप इन सभी दस्तावेजों को पहले से तैयार कर लेते हैं, तो आपकी रिटर्न फाइलिंग की प्रक्रिया बेहद आसान हो जाएगी. सही जानकारी और पुख्ता कागजातों के साथ भरा गया रिटर्न न सिर्फ आपको टैक्स विभाग की स्क्रूटनी से बचाता है, बल्कि आपका रिफंड भी तय समय पर आपके बैंक खाते में क्रेडिट हो जाता है.
–



