Delhi

पहलगाम आतंकी हमले को एक साल पूरा, बैसरन घाटी अब भी क्यों बंद, CTI ने पीएम मोदी को लिखा पत्र

Satya Report: पिछले साल 22 अप्रैल 2025 को कश्मीर के पहलगाम की खूबसूरत घाटी में आतंकवादियों ने हमला करके लगभग 26 लोगों को मौत के घाट उतार दिया था. जिसके बाद खूबसूरत बैसरन घाटी की हरियाली, खून से लाल हो गई. स्थानीय प्रशासन ने इस घटना के बाद बैसरन घाटी को बंद कर दिया. 22 अप्रैल 2026 को इस घटना को करीब एक साल हो जाएगा, लेकिन आज भी बैसरन घाटी पर्यटकों के लिए पूरी तरह से बंद है. अब दिल्ली और देश में व्यापारियों और उद्यमियों के शीर्ष संगठन चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री CTI ने पीएम मोदी को पत्र लिखकर इस घाटी को खोलने की मांग की है.

पहलगाम आतंकी हमले को एक साल पूरा, बैसरन घाटी अब भी क्यों बंद, CTI ने पीएम मोदी को लिखा पत्र
पहलगाम आतंकी हमले को एक साल पूरा, बैसरन घाटी अब भी क्यों बंद, CTI ने पीएम मोदी को लिखा पत्र

बताया जाता है कि बैसरन घाटी बंदी के कारण पहलगाम और आसपास के होटल,रेस्टोरेंट, ढाबे, टैक्सी, घोड़े एवं पोनी कारोबार से जुड़े हुए लगभग 5000 परिवारों पर आर्थिक संकट छाया हुआ है. CTI चेयरमैन बृजेश गोयल ने पीएम नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर मांग की है कि बैसरन घाटी और आसपास के क्षेत्र के वर्तमान हालात की पुनर्समीक्षा की जाए और अगर वहां सुरक्षा चाक चौबंद हो तो बैसरन घाटी को पुनः सैलानियों के लिए खोल दिया जाए. बृजेश गोयल ने बताया कि पहलगाम होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष जावेद बुर्जा ने CTI से संपर्क किया है और पहलगाम और बैसरन घाटी के बारे में बताया है कि अब वहां पूरी तरह से शांति है और हालात एकदम सामान्य हैं.

पत्र के जरिए पीएम मोदी से की मांग

पहलगाम होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष जावेद बुर्जा के अनुसार वहां पिछले 1 साल से होटल रेस्टोरेंट के साथ साथ ढाबे, टैक्सी, घोड़े एवं पोनी कारोबार से जुड़े हुए हजारों व्यापारियों की रोजी रोटी पर संकट पैदा हो गया है. क्योंकि सैलानियों की संख्या पिछले 1 साल में 15-20% ही रह गई है, चूंकि अब हालात एकदम सामान्य हैं और पूरे क्षेत्र में एकदम शांति है इसलिए सरकार को बैसरन घाटी को अब खोल देना चाहिए. बृजेश गोयल ने बताया कि आज इसी मुद्दे पर CTI ने पीएम नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है और मांग की है कि सरकार पूरी सुरक्षा और चाक चौबंदी के साथ पहलगाम और बैसरन घाटी का अच्छी तरह से निरीक्षण कराया जाए.

बैसरन घाटी के खुलने से 5 हजार परिवारों को मिलेगी राहत

उन्होंने मांग की है कि सरकार वहां के हालात से अगर पूरी तरह से संतुष्ट हो तो खूबसूरत बैसरन घाटी को सैलानियों के लिए खोल देना चाहिए जिससे कि आतंकवादियों के मुंह पर करारा तमाचा लगे और जो 26 लोग इस घटना में अकारण मारे गए उनके लिए भी यह एक श्रद्धांजलि होगी. बैसरन घाटी के खुलने से पूरे देश में कश्मीर और पहलगाम को लेकर एक सकारात्मक मैसेज जाएगा और वहां का होस्पिटेलेटी और ट्यूरिज्म सेक्टर पुनः खड़ा हो पाएगा. इसके साथ ही जिन 5000 से ज्यादा परिवारों की रोटी रोटी पर आर्थिक संकट खड़ा हुआ है उनको भी राहत मिलेगी. .

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