Jammu Kashmir

पहलगाम की वो काली शाम… एक साल बाद भी नहीं भरा दर्द, यतीश भाई का परिवार बोला- ‘वो दिन आज भी सताता है’

Satya Report: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आज ही के दिन आतंकवादियों ने टहलने गए लोगों पर हमला किया और गोलियां चलाईं, जिसमें कई बेगुनाह लोग मारे गए थे. गुजरात के भावनगर में रहने वाले एक पिता और बेटे को भी आतंकवादियों ने गोली मार दी थी और एक बेगुनाह परिवार का घर उजड़ गया था. इस घटना से एक साल बाद भी मृतक परिवार के प्रति उनका दुख कम नहीं हुआ है और उनकी पत्नी अभी भी इस घटना को लेकर मानसिक रूप से परेशान हैं. आसपास के लोग कह रहे हैं कि वह अपने बेटे और पति को याद करके हर दिन रोती हैं. उनके लिए यह एक साल बिताना बहुत मुश्किल हो गया है.

पहलगाम की वो काली शाम… एक साल बाद भी नहीं भरा दर्द, यतीश भाई का परिवार बोला- ‘वो दिन आज भी सताता है’
पहलगाम की वो काली शाम… एक साल बाद भी नहीं भरा दर्द, यतीश भाई का परिवार बोला- ‘वो दिन आज भी सताता है’

आज से एक साल पहले आज ही के दिन जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले में भावनगर के रहने वाले एक पिता और बेटे की मौत से परिवार में मातम का माहौल है. 16 अप्रैल 2025 को परिवार मोरारी बापू कथा में शामिल होने के लिए श्रीनगर के लिए निकला था. उसके बाद श्रीनगर से परिवार साइड सीन के लिए पहल गांव घूमने गया, जहां अचानक आतंकवादियों ने अंधाधुंध फायरिंग कर दी, जिसमें भावनगर के यतीशभाई परमार और उनके बेटे स्मित परमार की मौत हो गई. जबकि परिवार के साथ आई सदस्य काजलबेन परमार बच गईं.

पिता-बेटे ने गंवाई थी जान

भावनगर शहर के कालिया बीड़ इलाके में रहने वाले यतीशभाई परमार अपनी पत्नी और बेटे समेत परिवार के साथ सात दिन पहले भावनगर से सुरेंद्रनगर जम्मू तवी ट्रेन से जम्मू-कश्मीर पहुंचे थे, जहां उन्होंने मोरारी बापू की कथा में हिस्सा लिया. बाद में वे श्रीनगर से 100 किलोमीटर दूर पर्यटन स्थल पहलगाम पहुंचे, जहां अचानक हुई फायरिंग की घटना में भावनगर के विनोदभाई डाभी के हाथ में गोली लग गई. साइड सीन का आनंद ले रहे पिता-पुत्र यतीशभाई परमार और उनके बेटे स्मित परमार पर आतंकवादियों ने हमला कर दिया. इस हमले में पिता-पुत्र दोनों की मौत हो गई. मृतक यतीशभाई परमार भावनगर में होटल बिजनेस और सैलून की दुकान से जुड़े थे. .

पहलगाम हमले में जान गंवाने वाले यतीशभाई और उनका बेटा

आज जब इस घटना को एक साल हो गया है, तो हमने उनके परिवार से संपर्क किया और पता चला कि मृतक यतीशभाई की पत्नी काजलबेन की हालत बहुत गंभीर है. वह मेंटल डिप्रेशन में हैं, और आज ही उन्हें हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है. क्योंकि एक साल बाद, उनके बेटे और पति के जाने से उनकी हालत ठीक नहीं है और उन्हें हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है. काजलबेन के चाचा ने बताया कि वह पूरी घटना के गवाह थे. वह ट्रिप पर उनके साथ थे.

घटना को यादकर रो पड़े परिजन

आतंकवादियों ने अंधाधुंध फायरिंग की और उनके दामाद और भतीजे मारे गए. यह बहुत गंभीर, बहुत दुखद घटना थी. आज एक साल बाद भी उनके आंसू बंद नहीं हो रहे हैं और जिसकी वजह से उनके बड़े भाई की बेटी के साथ जिंदगी गुजारना बहुत मुश्किल हो गया है. सरकार से उन्हें बहुत मदद मिली है, लेकिन उनके दामाद और बेटे का जाना किसी भी तरह से पूरा नहीं हुआ है.

पड़ोसी भार्गवभाई भट्ट से कॉन्टैक्ट करने पर उन्होंने बताया कि पिछले एक साल से उनके परिवार में लोग हर दिन रो रहे हैं, उनकी पत्नी काजलबेन बहुत ज्यादा डिप्रेशन में हैं.आज का दिन ऐसा है जब इस दिन को याद करके आंसू आ जाते हैं. यह घटना किसी के साथ न हो, यह बहुत सीरियस है. उनकी दुआएं उनके परिवार के साथ हैं और उन्होंने मरने वाले को श्रद्धांजलि दी.

(रिपोर्ट- अजीत गढ़वी/भावनगर)

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