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रिश्ता तय होते ही भागा दूल्हा, शादी के लिए राजी नहीं हुए दो देवर तो तीसरे से ब्याही… फिर विदाई में ससुर ने कर दिया दुल्हन से खेल

Satya Report: Mirzapur Weird News: शादी की कई अटपटी खबरें आपने सुनी या देखी होंगी. मगर उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले से शादी की ऐसी खबर सामने आई है, जो शायद ही पहले कभी आपने सुनी हो. यहां एक पिता को अपनी साख बचाने के लिए बारी-बारी से अपने चार बेटों के नाम आगे करने पड़े. हद तो तब हो गई जब चौथे बेटे ने शादी तो कर ली, लेकिन विदाई के समय दूल्हा और बाराती चुपके से फरार हो गए. अब लड़की पक्ष न्याय के लिए दर-दर की ठोकरें खा रहा है.

रिश्ता तय होते ही भागा दूल्हा, शादी के लिए राजी नहीं हुए दो देवर तो तीसरे से ब्याही… फिर विदाई में ससुर ने कर दिया दुल्हन से खेल
रिश्ता तय होते ही भागा दूल्हा, शादी के लिए राजी नहीं हुए दो देवर तो तीसरे से ब्याही… फिर विदाई में ससुर ने कर दिया दुल्हन से खेल

पूरा मामला देहात कोतवाली क्षेत्र के एक गांव का है. यहां की एक युवती की शादी कछवां थाना क्षेत्र के एक युवक से 22 अगस्त 2025 को तय हुई थी. शादी की तारीख 20 अप्रैल 2026 निर्धारित थी. घर में खुशियों का माहौल था, लेकिन शादी से महज तीन दिन पहले यानी 17 अप्रैल को तय दूल्हा अचानक लापता हो गया.

लड़के के पिता ने 19 अप्रैल को इसकी सूचना लड़की वालों को दी. बदनामी के डर से लड़के के पिता ने प्रस्ताव रखा कि वह अपने दूसरे नंबर के बेटे से शादी करवाएगा. लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था. दूसरा बेटा बीमार पड़ गया. उसने शादी से मना कर दिया. इसके बाद तीसरे बेटे की बात चली, पर उसने शादी से साफ इनकार कर दिया.

पुलिस के दबाव में चौथे बेटे की बारात .

शादी का मंडप सज चुका था और लड़की वाले परेशान थे. मामला पुलिस तक पहुंचा. बदनामी और कानूनी कार्रवाई के डर से लड़के के पिता ने अंततः अपने चौथे (सबसे छोटे) बेटे को राजी किया. 20 अप्रैल को गाजे-बाजे के साथ बारात लड़की के घर पहुंची. हिंदू रीति-रिवाज के साथ चौथे बेटे और युवती की शादी संपन्न हुई. लड़की वालों को लगा कि बला टल गई और उनकी बेटी का घर बस गया.

सुबह का सन्नाटा और अजीब शर्त

असली ड्रामा अगली सुबह शुरू हुआ. जब लड़की पक्ष विदाई की रस्म के लिए उस स्थान पर पहुंचा जहां बारात रुकी थी, तो वहां का नजारा देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई. दूल्हा, उसके पिता और सभी बाराती रात के अंधेरे में ही फरार हो चुके थे.

जब लड़की के पिता ने दूल्हे के पिता को फोन किया, तो उसने एक अजीबोगरीब शर्त रख दी. लड़के के पिता का कहना है कि, “विदाई तभी होगी जब वह बड़ा लड़का (जिससे पहले शादी तय हुई थी) वापस आ जाएगा.” उसका तर्क है कि असली हकदार वही है और उसके मिलने पर ही डोली उठेगी.

धूमधाम से शादी होने के बावजूद बेटी आज भी अपने मायके में बैठी है. दूल्हा पक्ष न तो उसे साथ ले जा रहा है और न ही कोई स्पष्ट जवाब दे रहा है. थके-हारे परिजन अब पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं ताकि उनकी बेटी को उसका अधिकार मिल सके. फिलहाल, पुलिस ने इस मामले में चुप्पी साध रखी है, लेकिन इलाके में यह शादी चर्चा का विषय बनी हुई है.

(रिपोर्ट: जय प्रकाश सिंह/मिर्जापुर)

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