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यूपीपीएससी के खिलाफ छात्रों का महा-आंदोलन आज, पारदर्शिता, रिजल्ट और परीक्षा पैटर्न में बदलाव की मांग

Students Protest Against Uppsc Today Demanding Transparency Changes In Results And Exam Pattern

Student’s Protest in Prayagraj: उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) की कार्यशैली से नाराज हजारों प्रतियोगी छात्रों का बड़ा आंदोलन आज, सोमवार 15 दिसंबर 2025, से प्रयागराज में आयोग मुख्यालय के सामने शुरू हो गया है। छात्र मुख्य रूप से PCS-2024 और RO-ARO 2023 के परिणामों में पारदर्शिता और परीक्षा पैटर्न में बड़े बदलाव की मांग कर रहे हैं।

प्रयागराज में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) के खिलाफ प्रतियोगी छात्रों का एक बड़ा आंदोलन आज, सोमवार 15 दिसंबर 2025 से शुरू होने वाला है। यह प्रदर्शन प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति के नेतृत्व में हो रहा है। छात्र सुबह 11:00 बजे से UPPSC बिल्डिंग के गेट नंबर 2 पर घेराव कर महाआंदोलन शुरू कर रहे हैं। छात्रों का सबसे बड़ा आरोप यह है कि लोक सेवा आयोग पारदर्शिता नहीं बरत रहा है।

क्यों हो रहा है ये प्रदर्शन?

यह प्रदर्शन मुख्य रूप से हाल ही में घोषित हुए PCS-2024 (प्रारंभिक) और RO-ARO 2023 (प्रारंभिक) परीक्षा परिणामों से जुड़े मुद्दों को लेकर हो रहा है। छात्रों की तीन प्रमुख मांगे हैं: आयोग को अंतिम परिणाम जारी करने के बाद भी फाइनल आंसर-की को सार्वजनिक करना चाहिए ताकि छात्र अपने उत्तरों का सही मूल्यांकन कर सकें। अंतिम परिणाम घोषित होने के बावजूद, कई वर्गों के कट-ऑफ अंक सार्वजनिक नहीं किए गए हैं, इसलिए सभी वर्गों का कट-ऑफ जारी करना आवश्यक है। इसके अलावा, छात्रों की मांग है कि आयोग को सभी सफल और असफल उम्मीदवारों के प्राप्तांक तुरंत सार्वजनिक करने चाहिए। छात्र नेताओं का कहना है कि परिणाम जारी होने के बाद भी इन जरूरी जानकारियों को छिपाकर रखना आयोग की मनमानी और धांधली की ओर इशारा करता है।

परीक्षा के पैटर्न में बड़े बदलाव की मांग

कंपटीटिव एग्जाम में होने वाली गड़बड़ियों के खिलाफ आवाज उठाते हुए छात्रों ने एग्जाम के पैटर्न में बदलाव की भी मांग की है,। छात्रों की लंबे समय से यह मांग रही है कि संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की तर्ज पर यूपीपीएससी की मुख्य परीक्षा (मेन एग्जाम) से वैकल्पिक विषयों (ऑप्शनल सब्जेक्ट्स) को हटाया जाए। उनका तर्क है कि अलग-अलग वैकल्पिक विषयों में नंबर देने के तरीके में असमानताएं हैं, जिससे कुछ विशेष विषय के छात्रों को अनावश्यक फायदा या नुकसान होता है।

छात्रों की चेतावनी: आंदोलन जारी रहेगा

छात्रों ने मांग की है कि वैकल्पिक विषयों को हटाने के बजाय, इसकी जगह यूपी से संबंधित दो नए पेपर शामिल किए जाने चाहिए। उनका मानना है कि इससे उत्तर प्रदेश के छात्रों को ज्यादा फायदा मिल सकेगा, और वे प्रशासन, इतिहास, भूगोल और संस्कृति की बेहतर जानकारी रख सकेंगे। छात्रों ने यूपीपीएससी की भर्तियों में आयु सीमा और एग्जाम अटेम्पट करने की संख्या पर भी अलग-अलग मांगें उठाई हैं। इसके अलावा, छात्रों ने आयोग के वार्षिक कैलेंडर में अनियमितता पर भी नाराजगी जताई है, जिससे उनकी तैयारी प्रभावित होती है और परिणाम समय पर नहीं आते। छात्रों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, उनका यह आंदोलन जारी रहेगा।

पुलिस प्रशासन अलर्ट, आयोग बना छावनी

छात्रों के इस प्रस्तावित विशाल आंदोलन को देखते हुए प्रयागराज कमिश्नरेट पुलिस पूरी तरह से सतर्क हो गई है। किसी भी तरह की अशांति न हो, इसके लिए आयोग के आसपास के इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। पुलिस के आला अधिकारियों ने सुरक्षा रणनीति तैयार की है। आयोग भवन के आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।

डीजीपी नगर ने बताया कि तीन से चार एसीपी स्तर के अधिकारियों की निगरानी में पुलिस फोर्स, प्रादेशिक आर्म्ड कॉन्स्टेबुलरी (PAC) और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) को रिजर्व में रखा गया है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि कानून का उल्लंघन करने वाले या शांति भंग करने की कोशिश करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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