Satya Report: मध्य प्रदेश के इंदौर शहर के पलासिया थाना क्षेत्र से दो बच्चों के अपहरण का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है. हालांकि राहत की बात यह रही कि पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दोनों बच्चों को बरामद कर लिया है. इस मामले में चार आरोपियों दो महिलाओं और दो पुरुषों को गिरफ्तार कर लिया है.

आरोपियों ने पूरी प्लानिंग से इस वारदात को अंजाम दिया. इस साजिश में शामिल एक युवती ने पहले बच्चों से दोस्ती की और धीरे-धीरे उनका भरोसा जीत लिया. विश्वास कायम होने के बाद उसने अपने साथियों के साथ मिलकर मौका देखा और गार्डन में खेल रहे दस वर्षीय नैतिक और उसके 11 वर्षीय दोस्त सम्राट का अपहरण कर लिया. घटना के बाद आरोपियों ने बच्चों के परिजनों को वाट्सऐप कॉल के जरिए संपर्क किया और 15 लाख रुपये की फिरौती की मांग की.
पुलिस ने आरोपियों को किया गिरफ्तार
घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों ने तुरंत पुलिस से संपर्क किया. मामले की गंभीरता को देखते हुए इंदौर पुलिस ने बिना देर किए जांच शुरू की. पुलिस ने तकनीकी सबूतों और कॉल डिटेल्स के आधार पर आरोपियों तक पहुंच बनाई और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राधिका, विनोद, ललित और तनिष्का के रूप में हुई है.
पुलिस के मुताबिक, राधिका और विनोद आपस में भाई-बहन हैं, जबकि ललित और तनिष्का पति-पत्नी हैं. जांच में यह भी सामने आया कि तनिष्का और राधिका के बीच गहरी दोस्ती थी, जिसने इस पूरे अपराध को अंजाम देने में अहम भूमिका निभाई. चारों आरोपियों ने मिलकर बच्चों को फंसाने, अपहरण करने और फिरौती मांगने की पूरी साजिश रची थी. राधिका और तनिष्का ने बच्चों को बिल्ली और तोता दिलाने का झांसा दिया था.
परिजनों को डराने और पैसे ऐंठने की प्लानिंग
पुलिस ने समय रहते कार्रवाई करते हुए बच्चों को सुरक्षित छुड़ा लिया. शुरुआती पूछताछ में आरोपियों ने यह भी स्वीकार किया कि उन्होंने आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर परिजनों को डराने और पैसे ऐंठने की योजना बनाई थी. फिलहाल पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या आरोपियों का कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है या वे किसी बड़े गिरोह का हिस्सा हैं.
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच जारी है और आगे भी कई चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं. साथ ही, यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस साजिश में और लोग शामिल तो नहीं हैं. .



