Satya Report: Garud Puran: गरुड़ पुराण हिंदू धर्म के प्रमुख ग्रंथों में से एक है। इस पुराण में जन्ममृत्यु के गहरे राज बताए गए हैं। साथ ही मृत्यु के बाद मिलने वाली यातनाओं और इन यातनाओं से बचने के उपायों के बारे में भी गरुड़ पुराण में बताया गया है। ऐसे में आज हम आपको बताएंगे कि जीवनकाल में किन कार्यों को करने से आप मृत्यु के बाद यमलोक की यातनाओं से बच सकते हैं।

मातापिता और गुरु की सेवा करने वाले
गरुड़ पुराण के अनुसार जो लोग मातापिता की सेवा करते हैं और गुरुजनों का सम्मान करते हैं उनको मृत्यु के बाद भी शुभ फल मिलते हैं। ऐसे लोगों को यमलोक की यातनाओं को नहीं झेलना पड़ता, इनके अच्छे कर्म जीवन पर्यंत भी और मृत्यु के बाद भी इनके काम आते हैं।
दान और परोपकार करने की आदत
दान का हिंदू धर्म में बड़ा महत्व है। गरुड़ पुराण में भी दान को बेहद शुभ कार्य बताया गया है। निस्वार्थ भाव से दान करने और परोपकार करने से भी शुभ परिणाम आपको प्राप्त होते हैं। मृत्यु के बाद भी यातनाओं से आप बचते हैं और देवीदेवताओं के साथ ही पितरों का आशीर्वाद जीवनकाल में आप प्राप्त करते हैं।
तुलसी की सेवा
तुलसी को भगवान विष्णु का प्रिय माना जाता है। इसलिए अगर आप तुलसी की सेवा जीवन में करते हैं तो अंत समय में आपको विष्णुदूत लेने आते हैं और यमलोक की यातनाएं आपको नहीं सहनी पड़ती। तुलसी का पौधा आपको जीवन में भी और मृत्यु के बाद भी शुभ फल देने वाला माना जाता है।
सत्य और धर्म का पालन
गरुड़ पुराण में भगवान विष्णु पक्षीराज गरुड़ को बताते हैं कि जो व्यक्ति सत्यवादी होती है और धर्म के अनुसार चलता है, उसको जीवन में तो शुभ फल प्राप्त होते ही हैं साथ ही मृत्यु के बाद भी ऐसा व्यक्ति यातनाओं से बच जाता है।



