Satya Report: नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी के लिए आज का दिन राजनीतिक अस्तित्व के सबसे बड़े संकट के रूप में सामने आया है। राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल के इस्तीफे के बाद अब खबर आ रही है कि पार्टी के भीतर ‘महाभूकंप’ आ चुका है। सूत्रों के मुताबिक, संजय सिंह को छोड़कर आम आदमी पार्टी के लगभग सभी राज्यसभा सांसद भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने की तैयारी में हैं।

पार्टी में विलय की अटकलें तेज
ताज़ा जानकारी के अनुसार, हरभजन सिंह, राजीव गुप्ता, विक्रम साहनी और स्वाति मालीवाल समेत कई अन्य सांसद भी बीजेपी का दामन थाम सकते हैं। राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा जोरों पर है कि ये सभी सांसद सामूहिक रूप से बीजेपी ज्वाइन कर सकते हैं, जिससे आम आदमी पार्टी का राज्यसभा में वजूद लगभग खत्म होने की कगार पर पहुँच जाएगा।
दलबदल कानून का पेंच
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कोई साधारण इस्तीफा नहीं, बल्कि एक सुनियोजित विलय की रणनीति हो सकती है।
- दोतिहाई का आंकड़ा: दलबदल कानून के तहत, यदि किसी पार्टी के दोतिहाई सांसद एक साथ दूसरी पार्टी में शामिल होते हैं, तो इसे ‘विलय’ माना जाता है।
- अयोग्यता से बचाव: इस स्थिति में सांसदों की सदस्यता रद्द होने का खतरा नहीं रहता है।
- AAP के लिए बड़ा झटका: अगर यह संख्या पूरी होती है, तो यह आम आदमी पार्टी के लिए अब तक का सबसे बड़ा झटका साबित होगा।
संजय सिंह अकेले पड़ सकते हैं
सूत्रों की मानें तो इस पूरी उथलपुथल में केवल संजय सिंह ही पार्टी के साथ बने रह सकते हैं। बाकी सभी सांसदों के एक साथ बीजेपी में जाने की खबर ने दिल्ली की सियासत को हिलाकर रख दिया है।
क्या बोले थे राघव चड्ढा?
इससे पहले इस्तीफा देते हुए राघव चड्ढा ने कहा था कि, “आम आदमी पार्टी अपने सिद्धांतों से भटक चुकी है और अब यह पार्टी भ्रष्ट लोगों के हाथों में है।” उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर अपना पूरा भरोसा जताते हुए कहा कि वे अब जनता के बीच जाकर काम करना चाहते हैं।



