Satya Report: उत्तर प्रदेश आतंकवाद निरोधक दस्ता ने देश विरोधी गतिविधियों में शामिल दो युवकों को गिरफ्तार किया है। एटीएस के मुताबिक, ये दोनों आरोपी पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से जुड़े गैंगस्टरों के साथ मिलकर भारत में आतंकी हमलों की साजिश रच रहे थे। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मेरठ निवासी तुषार चौहान उर्फ हिज्बुल्लाह अली खान और दिल्ली के ओल्ड सीमापुरी निवासी समीर खान के रूप में हुई है।

एटीएस ने लखनऊ के एटीएस थाने में केस नंबर 03/2026 दर्ज किया है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धाराएं 148, 152 और 61 , आर्म्स एक्ट 1959 की धाराएं 3, 4 और 25, तथा गैरकानूनी गतिविधि अधिनियम 1967 की धाराएं 13 और 18 के तहत मामला दर्ज किया गया है। दोनों को कोर्ट में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
सोशल मीडिया के जरिए बना रहे थे निशाना
एटीएस के अनुसार, पाकिस्तान से जुड़े गैंगस्टर और आतंकी संगठन इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए भारतीय युवाओं को कट्टरपंथ की ओर धकेल रहे थे। उन्हें “स्लीपर सेल” में शामिल कर आतंकी गतिविधियों के लिए उकसाया जा रहा था। जांच में सामने आया कि पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी और आबिद जट्ट, आईएसआई के इशारे पर भारत में शांति और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की साजिश रच रहे थे। ये लोग युवाओं को पैसे का लालच देकर संवेदनशील जगहों की रेकी और आतंकी हमलों के लिए तैयार कर रहे थे।
तुषार चौहान सोशल मीडिया के जरिए शहजाद भट्टी के संपर्क में आया। उसने भट्टी के नाम से फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट भी बनाया और बाद में सीधे उससे बातचीत शुरू कर दी। पूछताछ में उसने बताया कि उसे कुछ लोगों के घरों पर ग्रेनेड फेंकने और उनकी हत्या करने का निर्देश दिया गया था। इसके बदले उसे 50 हजार रुपये एडवांस और काम पूरा होने पर 2.5 लाख रुपये देने का लालच दिया गया था। साथ ही दुबई के रास्ते पाकिस्तान भेजने का भी वादा किया गया था।
दोनों आरोपियों को नोएडा से गिरफ्तार किया
समीर खान भी सोशल मीडिया के जरिए इस नेटवर्क से जुड़ा था। उसे दीवारों पर तेहरीकएतालिबान हिंदुस्तान लिखने और नए लोगों को जोड़ने का काम सौंपा गया था। एटीएस ने दोनों आरोपियों को नोएडा से गिरफ्तार किया। इनके पास से एक पिस्टल, पांच जिंदा कारतूस और एक चाकू बरामद किया गया है। उन्होंने कई लोगों को जान से मारने की धमकी भी दी थी, जिनमें कुछ मामलों में पाकिस्तानी हैंडलर्स भी कॉन्फ्रेंस कॉल के जरिए शामिल थे।
प्रारंभिक पूछताछ और मोबाइल फोन से मिले साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की देश विरोधी गतिविधियों में संलिप्तता की पुष्टि हुई है। एटीएस अब इनके अन्य साथियों और नेटवर्क से जुड़े लोगों के बारे में जानकारी जुटाने के लिए पुलिस रिमांड की मांग करेगी।



