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Lebanon: ईसाइयों के ग्रंथ बाइबल में लेबनान का नाम 70 बार क्यों? इजराइल से तनाव के बीच चर्चा में

Satya Report: लेबनानइजराइल के बीच शुरू सीजफायर तीन हफ्तों के लिए बढ़ गया है. उम्मीद की जा रही है कि अब दोनों देशों के बीच तनाव कुछ हद तक कम हो सकता है. दोनों देश लंबे समय से तनाव से गुजर रहे हैं. इजराइल, लेबनान में स्थित हिजबुल्लाह के ठिकानों पर लगातार वार कर रहा है. उधर से हिजबुल्लाह भी जवाबी कार्रवाई करता रहा है. बढ़े हुए सीज फायर को दुनिया अच्छे नजरिए से देख रही है.

Lebanon: ईसाइयों के ग्रंथ बाइबल में लेबनान का नाम 70 बार क्यों? इजराइल से तनाव के बीच चर्चा में
Lebanon: ईसाइयों के ग्रंथ बाइबल में लेबनान का नाम 70 बार क्यों? इजराइल से तनाव के बीच चर्चा में

अगर दोनों के बीच शांति होती है तो लेबनान के लोगों के लिए बहुत अच्छा होगा.सीजफायर की ताजी सूचना के बीच जानते हैं कि बाइबल में लेबनान का नाम बारबार क्यों आया है? क्या है इसका महत्व?

बाइबल में कितनी बार नाम आया?

लेबनान का नाम बाइबल में 71 बार आया या 70? महत्वपूर्ण यह नहीं है. सबसे महत्वपूर्ण यह है कि बाइबल जैसे ग्रंथ में लेबनान को प्रमुखता से दर्ज किया गया है. संख्या इसलिए अलगअलग है क्योंकि लेबनान शब्द की गिनती हर अनुवाद में एक जैसी नहीं मिलती. कुछ सूचियों में यह संख्या 70 तो कहीं 71 दर्ज की जाती है. यह फर्क अनुवाद, वर्तनी और खोजपद्धति के कारण भी हो सकता है.

बाइबल.

हिब्रू बाइबिल में लेबनान शब्द के 70 बार आने की बात में भी दर्ज है. इसलिए मुख्य प्रश्न संख्या नहीं, बल्कि महत्व है. बाइबल में लेबनान शब्द का महत्व बहुत बड़ा है. पर यह समझना जरूरी है कि बाइबल का लेबनान हमेशा आज के आधुनिक राष्ट्रराज्य के अर्थ में नहीं है. कई स्थानों पर इसका अर्थ लेबनान पर्वतमाला, उसके जंगल, उसकी देवदार लकड़ी, या उत्तरी क्षेत्र से है. यानी बाइबल में लेबनान एक भौगोलिक, आर्थिक, राजनीतिक और प्रतीकात्मक नाम है.

लेबनान इजराइल की उत्तरी सीमा का प्रमुख भूभाग

पुराने नियम में लेबनान अक्सर इजराइल के उत्तर की ओर स्थित क्षेत्र के रूप में आता है. उदाहरण के लिए, चैप्टर व्यवस्था विवरण में मूसा उस अच्छे देश, लेबनान और पहाड़ी प्रदेश को देखने की बात करता है. इसी में लेबनान सीमारेखा के रूप में आता है. इससे पता चलता है कि लेबनान केवल पड़ोसी इलाका नहीं था. वह इजराइल की राजनीतिक और भौगोलिक समझ में शामिल था. बाइबल के लेखकों के लिए यह एक परिचित और महत्वपूर्ण स्थान था. बाइबल में व्यवस्था विवरण जीवन जीने की वह नियमावली है जिसे मूसा ने मरने से पहले अपनी जाति को भविष्य के लिए वसीयत के रूप में विस्तार से समझाया था.

लेबनान अपनी देवदार लकड़ी के कारण प्रसिद्ध था

यह शायद सबसे बड़ा कारण है कि लेबनान बारबार बाइबल में आता है. प्राचीन संसार में लेबनान के देवदार बहुत मशहूर थे. वे ऊंचे, मजबूत, टिकाऊ और सुगंधित माने जाते थे. बड़ी इमारतों, राजमहलों और मंदिरों में इनका उपयोग होता था. जब सुलैमान ने यरूशलेम में मंदिर बनवाया, तब उसने लेबनान की लकड़ी मंगाई. सुलैमान, सोर के राजा हीराम से कहता है कि लेबनान से देवदार के वृक्ष कटवाए जाएं. इसका अर्थ साफ है. लेबनान उस समय का एक बड़ा प्राकृतिक संसाधन केंद्र था. मंदिर जैसे पवित्र और राष्ट्रीय महत्व के निर्माण में उसकी लकड़ी लगी. इसलिए लेबनान बाइबल की कथा में गहराई से जुड़ गया.

लेबनान का नाम इसलिए भी बारबार आता है क्योंकि वह प्राचीन निकटपूर्व की बड़ी सभ्यताओं के बीच स्थित था.

लेबनान व्यापार और कूटनीति का केंद्र था

लेबनान क्षेत्र में प्राचीन फिनीकी नगर जैसे सोर और सीदोन थे. ये लोग समुद्री व्यापार में बहुत आगे थे.इजराइल के राजाओं और लेबनानक्षेत्र के शासकों के बीच संबंध बने. सुलैमान और हीराम की साझेदारी इसका सबसे साफ उदाहरण है. यहां लकड़ी, मजदूर, और शिल्पकला का आदानप्रदान हुआ. इसका मतलब है कि लेबनान केवल जंगल नहीं था. वह अंतरराष्ट्रीय व्यापार, समुद्री संपर्क, और राजनयिक समझौते का क्षेत्र भी था. बाइबल में सुलैमान के प्रबंधन कौशल का विस्तार से वर्णन है. उन्होंने काम को बहुत व्यवस्थित तरीके से बांटा था, जिसमें 70 हजार बोझ ढोने वाले, 80 हजार पहाड़ पर पत्थर काटने वाले तथा 3600 सुपरवाइजर तय किये गए थे. यह दिखाता है कि मंदिर का निर्माण केवल एक धार्मिक कार्य नहीं, बल्कि उस समय का एक विशाल इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट था.

लेबनान सुंदरता और वैभव का प्रतीक बन गया

बाइबल की काव्यपुस्तकों में लेबनान का नाम अक्सर सौंदर्य, सुगंध, हरियाली और ऊंचाई के प्रतीक के रूप में आता है. श्रेष्ठगीत में लेबनान रोमांटिक और ऊंचे प्रदेश की छवि देता है. इसी में उसकी सुगंध का उल्लेख है, लेबनान के बहते जल का चित्र है. चैप्टर होशे में लेबनान की सुगंध और वृक्षों की छवि समृद्धि और बहाली का प्रतीक बनती है. भजन में धर्मी व्यक्ति की तुलना लेबनान के देवदार से की गई है. यहाँ लेबनान एक वास्तविक देश से आगे बढ़कर एक सांस्कृतिक प्रतीक बन जाता है. उसका अर्थ है शक्ति, सुंदरता, स्थिरता और ताजगी.

लेबनान घमंड और सामर्थ्य का भी प्रतीक था

बाइबल में हर सुंदर चीज़ केवल प्रशंसा के लिए नहीं आती. कभीकभी वह मानवीय घमंड का प्रतीक भी बनती है. लेबनान के ऊंचे देवदार और विशाल वन इस बात के लिए उपयुक्त प्रतीक थे. यशायाह में लेबनान के सब ऊंचे और उठे हुए देवदार घमंड के विरुद्ध न्याय के संदर्भ में आते हैं. इसी में आगे और जकर्याह में भी लेबनान के वृक्षों का गिरना न्याय और विनाश का चिन्ह बनता है. एक और चैप्टर यहेजकेल में अश्शूर की तुलना लेबनान के देवदार से की गई है. इस प्रकार लेबनान केवल प्रकृति नहीं, बल्कि राजनीतिक शक्ति का भी प्रतीक बन गया. बाइबल के नबियों ने इसका प्रयोग साम्राज्यों के उत्थान और पतन को समझाने के लिए किया.

लेबनान देवदार की लकड़ी के लिए प्रसिद्ध रहा है.

आशीष और न्याय का मंच है लेबनान

बाइबल की भाषा में लेबनान दो तरह की छवि रखता है. एक ओर वह उपजाऊ, हराभरा, सुगंधित और गौरवशाली है. दूसरी ओर, जब वह घमंड या सत्ता के दुरुपयोग का प्रतीक बनता है, तब वही लेबनान न्याय का विषय भी बन जाता है. यशायाह में लेबनान की महिमा बहाली और आनंद के संदर्भ में आती है. उसकी लकड़ी परमेश्वर के भवन की शोभा बढ़ाने के लिए बताई गई है. लेकिन नहूम में लेबनान की मुरझाहट न्याय की भाषा है. यह द्वैत बहुत महत्वपूर्ण है. बाइबल बताती है कि कोई स्थान कितना भी महान क्यों न हो, उसका अंतिम मूल्य उसके संसाधनों से नहीं, बल्कि परमेश्वर की दृष्टि से तय होता है.

लेबनान की धार्मिक नहीं, ऐतिहासिकसभ्यतागत अहमियत

लेबनान का नाम इसलिए भी बारबार आता है क्योंकि वह प्राचीन निकटपूर्व की बड़ी सभ्यताओं के बीच स्थित था. वह मिस्र, सीरिया, फिनीकी नगरों, इजराइल, और मेसोपोटामिया के बीच एक संपर्क क्षेत्र था. इस कारण उसका उल्लेख इतिहास, युद्ध, निर्माण, व्यापार और काव्य, सब जगह मिलता है. लेबनान नाम की जड़ को सफेद अर्थ वाले सामी मूल से जोड़ा जाता है. इसे अक्सर उसकी बर्फ से ढकी चोटियों से जोड़ा जाता है. इससे भी समझ आता है कि यह क्षेत्र प्राचीन लोगों की नजर में अलग और यादगार था.

नए नियम में भी इसका क्षेत्रीय महत्व कायम

जानना यह भी जरूरी है कि बाइबल में नए नियम में लेबनान शब्द पुराने नियम जितना बार नहीं आता, पर उसके आसपास के क्षेत्र जैसे सोर और सीदोन महत्वपूर्ण बने रहते हैं. यीशु का इन क्षेत्रों से संबंध मत्ती और मरकुस में दिखाई देता है. इससे पता चलता है कि लेबनानक्षेत्र बाइबिल की व्यापक दुनिया का हिस्सा बना रहा. बाइबल दो मुख्य भागों में विभाजित है. पुराना नियम और नया नियम. यहाँ नियम शब्द का अर्थ केवल कानून नहीं है, बल्कि एक पवित्र समझौता है, जो ईश्वर और मनुष्य के बीच हुआ.

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