Satya Report: Mohini Ekadashi Vrat 2026: हर साल वैशाख शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को मोहिनी एकादशी का व्रत रखा जाता है। इसी दिन भगवान विष्णु ने मोहिनी का रूप धारण किया था। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, समुद्र मंथन से अमृत कलश निकला था जिसे पाने के लिए देवता और दानव में विवाद हो गया था। तब भगवान विष्णु ने मोहिनी नाम की स्त्री का रूप धारण कर के दानवों को मोहित कर लिया था। फिर विष्णु जी ने उनसे अमृत भरा कलश लेकर देवताओं के हवाले कर दिया था, जिसे पीकर सभी देवता अमर हो गए थे। तो आइए जानते हैं कि मोहिनी एकादशी की पूजा के लिए शुभ मुहूर्त क्या रहेगा।

मोहिनी एकादशी 2026 पूजा शुभ मुहूर्त
पंचांग के अनुसार, वैशाख शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि का आरंभ 26 फरवरी को शाम 6 बजकर 6 मिनट पर होगा। एकादशी तिथि का समापन 27 मार्च को शाम 6 बजकर 15 मिनट पर होगा। उदयातिथि के अनुसार, मोहिनी एकादशी का व्रत 27 अप्रैल 2026 को रखा जाएगा। मोहिनी एकादशी की पूजा के लिए ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 43 मिनट से सुबह 5 बजकर 28 मिनट तक रहेगा। वहीं अभिजित मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 11 मिनट से दोपहर 1 बजकर 2 मिनट तक रहेगा।
मोहिनी एकादशी 2026 पारण का समय
मोहिनी एकादशी का पारण दूसरे दिन 28 अप्रैल 2026 को किया जाएगा। एकादशी पारण के लिए शुभ समय सुबह 6 बजकर 12 मिनट से सुबह 8 बजकर 46 मिनट तक रहेगा। पारण तिथि के दिन द्वादशी समाप्त होने का समय शाम 6 बजकर 51 मिनट तक रहेगा। आपको बता दें कि एकादशी व्रत का पारण द्वादशी तिथि के अंदर करना जरूरी होता है।
मोहिनी एकादशी पूजा मंत्र
- ॐ नमो भगवते वासुदेवाय
- ॐ नमो नारायणाय
- ॐ श्री विष्णवे च विद्महे वासुदेवाय धीमहि। तन्नो विष्णुः प्रचोदयात्॥
- मङ्गलम् भगवान विष्णुः, मङ्गलम् गरुडध्वजः। मङ्गलम् पुण्डरी काक्षः, मङ्गलाय तनो हरिः॥
मोहिनी एकादशी व्रत का महत्व
मोहिनी एकादशी के दिन विष्णु जी के साथ ही माता लक्ष्मी की भी उपासना जरूर करें। ऐसा करने से घर में सुखसमृद्धि बनी रहती है और कभी भी धनधान्य की कमी नहीं होती है। वहीं मोहिनी एकादशी के दिन व्रत रखने से व्यक्ति को समस्त मोह बंधनों से मुक्ति मिलती है और वह जीवन में एक के बाद एक तरक्की करता चला जाता है।



