Uttar Pradesh

यहां ना लें घर… मुरादाबाद की श्री राम सोसाइटी में हिंदू परिवारों के मकानों के बाहर लगे पोस्टर, जानें क्या है वजह

Satya Report: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले के पॉश इलाका लाजपत नगर इन दिनों एक सामाजिक चर्चा का केंद्र बन गया है. यहां स्थित ‘श्री राम सोसाइटी’ के निवासियों ने अपने घरों के बाहर पीले और सफेद रंग के विवादित बोर्ड लगा दिए हैं, जिन पर स्पष्ट रूप से लिखा है कि यह इलाका केवल हिंदू परिवारों के निवास के लिए है. बता दें कि सोसाइटी के करीब 32 घरों में से दो दर्जन से अधिक मकानों पर ये बैनर टंगे नजर आ रहे हैं, जो आनेजाने वालों के बीच चर्चा का विषय बने हुए हैं.

यहां ना लें घर… मुरादाबाद की श्री राम सोसाइटी में हिंदू परिवारों के मकानों के बाहर लगे पोस्टर, जानें क्या है वजह
यहां ना लें घर… मुरादाबाद की श्री राम सोसाइटी में हिंदू परिवारों के मकानों के बाहर लगे पोस्टर, जानें क्या है वजह

स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह कदम उन्होंने अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक मान्यताओं की रक्षा के लिए उठाया है. दरअसल, निवासियों को अंदेशा है कि सोसाइटी के कुछ लोग अपने मकान दूसरे समुदाय के व्यक्तियों को बेचने की योजना बना रहे हैं, जिससे भविष्य में इलके की जनसांख्यिकी और माहौल बदल सकता है. बैनर के माध्यम से निवासियों ने संदेश दिया है कि यहां स्थित प्राचीन सिद्धिविनायक मंदिर में वर्षभर धार्मिक अनुष्ठान और सामूहिक कार्यक्रम होते रहते हैं.

सोसाइटी को बताया सनातनी कैंपस

जिनकी मर्यादा बनाए रखना आवश्यक है. निवासियों ने जिला प्रशासन से भी इस मामले में दखल देने की मांग की है, ताकि इलाके में शांति और आपसी भाईचारा बना रहे. पोस्टर लगने का यह मामला सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है. सोसाइटी के निवासी राजेंद्र अग्रवाल और इंद्रजीत गुलाटी का तर्क है कि श्री राम सोसाइटी एक ‘पूर्णत, सनातनी कैंपस’ है, जहां सभी परिवार मिलजुलकर हिंदू रीतिरिवाजों का पालन करते हैं.

शांति भंग की जताई संभावना

उनका कहना है कि यहां साल में 15 से 20 सामूहिक धार्मिक कार्यक्रम आयोजित होते हैं, जिनमें सभी की भागीदारी अनिवार्य होती है. लोगो के अनुसार, यदि किसी दूसरे धर्म का व्यक्ति यहां आकर बसता है, तो जीवनशैली और खानपान के अंतर के कारण टकराव की स्थिति पैदा हो सकती है, वे नहीं चाहते कि किसी हस्तक्षेप की वजह से मोहल्ले की शांति भंग हो. इस वजह से स्थानीय लोगों का मानना है कि मकान बेचना निजी मामला हो सकता है, लेकिन इसका असर पूरे समाज और आसपास रहने वाले पड़ोसी परिवारों की सुरक्षा और मानसिक शांति पर पड़ता है.

जानें क्यों लगाए गए घर के बाहर पोस्टर

लाजपत नगर में चल रहे मामले की गंभीरता तब बढ़ गई जब यह पता चला कि कुछ मकान मालिक अधिक कीमत के लालच में दूसरे समुदाय के खरीदारों से संपर्क में हैं. नीरज अग्रवाल ने बताया कि इस मुद्दे पर मकान बेचने वालों के साथ कहासुनी और ‘तूतड़ाक’ तक की नौबत आ चुकी है. निवासियों का आरोप है कि दूसरे समुदाय के लोग अधिक पैसों का लालच देकर यहां घुसने का प्रयास कर रहे हैं, जो उन्हें स्वीकार नहीं है, इसीलिए शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराने के लिए उन्होंने घरघर बैनर लगाने का रास्ता चुना है, निवासियों ने चेतावनी भरे लहजे में यह भी कहा है कि यदि उनकी अपील को नजरअंदाज कर मकान किसी अन्य समुदाय को बेचा गया, तो भविष्य में स्थितियां खराब हो सकती हैं.

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