Satya Report: Mohini Ekadashi Vrat Puja Vidhi: 27 अप्रैल, सोमवार को मोहिनी एकादशी का व्रत रखा जाएगा। इस दिन भगवान विष्णु ने मोहिनी अवतार लिया था। मोहिनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु के साथ माता लक्ष्मी की पूजा करने से घर में सुखसमृद्धि आती है। तो अगर आप पहली बार एकादशी का व्रत करने वाले हैं तो यहां मोहिनी एकादशी की सही पूजा विधि जान लीजिए। विधिपूर्वक पूजाअर्चना करने लक्ष्मीनारायण प्रसन्न होते हैं और भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी करते हैं। तो आइए यहां जानते हैं मोहिनी एकादशी की सही पूजा विधि के बारे में।

मोहिनी एकादशी पूजा विधि
- मोहिनी एकादशी के दिन सुबह उठकर स्नान आदि के बाद साफ पीले रंग के कपड़े पहन लें।
- इसके बाद मंदिर या पूजा घर को साफ करने के बाद गंगाजल छिड़कर शुद्ध कर लें।
- अब एक चौकी स्थापित करें और उसपर लाल या पीला रंग का कपड़ा बिछा दें।
- चौकी पर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें।
- भगवान विष्णु को पंचामृत से अभिषेकर करें। फिर नारायण को पीले वस्त्र और आभूषण पहनाकर सुंदर श्रृंगार करें।
- नारायण को चंदन का तिलक लगाएं और फूल, पीले वस्त्र और तुलसी अर्पित करें।
- माता लक्ष्मी को सिंदूर और फूल अर्पित करें और सुहाग की सामग्री चढ़ाएं।
- अब घी का दीपक जलाएं और धूप भी लगाएं।
- मोहिनी एकादशी की व्रत कथा का पाठ करें।
- विष्णु सहस्रनाम, विष्णु चालीसा का पाठ करें।
- इसके बाद विष्णु जी की आरती करें और बाद में मंत्रों का जाप करें।
- भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी को भोग लगाएं। श्री हरि विष्णु जी के भोग में तुलसी जरूर डालें।
पूजा मंत्र
विष्णु जी के मंत्र
- ॐ नमो भगवते वासुदेवाय
- ॐ नमो नारायणाय
माता लक्ष्मी के मंत्र
- या देवी सर्वभूतेषु लक्ष्मी रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥।
- ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं महालक्ष्म्यै नमः।
मोहिनी एकादशी 2026 शुभ मुहूर्त
- एकादशी तिथि प्रारंभ अप्रैल 26, 2026 को 06:06 पी एम बजे
- एकादशी तिथि समाप्त अप्रैल 27, 2026 को 06:15 पी एम बजे
- ब्रह्म मुहूर्त 04:43 ए एम से 05:28 ए एम
- अभिजित मुहूर्त 12:11 पी एम से 01:02 पी एम



