Satya Report: गर्मी में बेल का शर्बत सिर्फ ठंडक नहीं देता बल्कि ये शरीर को लू, डिहाइड्रेशन और पेट की गड़बड़ी से बचाने में भी मदद करता है। बेल में फाइबर, पोटैशियम, विटामिनC और कैल्शियम जैसे न्यूट्रिएंट्स होते हैं, जो गट हेल्थ, इम्यूनिटी और रिकवरी तीनों को सपोर्ट करते हैं। पेट के लिए तो बेल को सदियों से रामबाण माना गया है। डिसेंट्री हो, गैस हो, क्रैम्प हो या फिर IBS की परेशानी ही क्यों ना हो, बेल का ये शर्बत किसी संजीवनी से कम नहीं है। अब आपको ये जानना जरूरी है कि ये IBS क्या है, जिससे आजकल बहुत लोग परेशान हैं?

IBS होने के कारण
दरअसल, ये कोई साधारण पेट दर्द नहीं है, आंतों के काम करने की गड़बड़ी है। मतलब आंतों की बनावट खराब नहीं होती, लेकिन उनका काम बिगड़ जाता है। IBS यानी Irritable Bowel Syndrome होने पर पेट दर्द, मरोड़, गैस, ब्लोटिंग, कभी डिसेंट्रीकभी कॉन्स्टिपेशन और पेट पूरा साफ न होने जैसा एहसास लंबे समय तक बना रहता है। इसकी जड़ सिर्फ खाने में नहीं होती, तनाव, नींद की कमी, एंग्जाइटी और ब्रेनगट कनेक्शन भी आंतों की चाल बिगाड़ देते हैं। कई बार फूड पॉइजनिंग या पेट के इंफेक्शन के बाद आंतें ज्यादा सेंसिटिव हो जाती हैं। गट बैक्टीरिया का बैलेंस बिगड़ता है और फिर आंतों की मसल्स कभी बहुत तेज चलती हैं, तो दस्त होते हैं। कभी बहुत धीमी, तो कब्ज, यानि IBS में आंतें मामूली बात पर भी ज्यादा रिएक्ट करने लगती हैं। थोड़ीसी गैस भी ज्यादा दर्द और ब्लोटिंग महसूस करा सकती है।
IBS के लक्षण क्या हैं
ICMR की स्टडी की मानें तो 10 करोड़ लोगों को आंतों की बीमारी है। इसमें आईबीएस करीब 15% की रफ्तार से बढ़ रही है। इस बीमारी के लक्षणों में गैस बनना, कब्ज, दस्त. पेट दर्द, सिरदर्द, स्किन एलर्जी और वजन घटना है। WHO की स्टडी की मानें तो तनाव 77% लोगों का पाचन खराब कर रहा है। टेंशन में रहने से गट माइक्रोबायोम का नाश होा है और इम्यूनिटी कमजोर होने लगती है।
IBS में बेल का शरबत पीने के फायदे
बेल शरबत को IBS में खास माना जाता है, इसका पेक्टिन और टैनिन लूज मोशन को कंट्रोल करने में मदद करता है। गैस, क्रैम्प और बारबार टॉयलेट जाने की बेचैनी में भी राहत दे सकता है, लेकिन सही मात्रा और सही तरीका जरूरी है। बेल गर्मी का देसी कवच है लेकिन IBS जैसी परेशानी में सिर्फ एक शर्बत काफी नहीं, साथ में सही खानपान, रोजाना योग, प्राणायाम और आयुर्वेदिक उपाय भी जरूरी हैं। योगगुरु स्वामी रामदेव से जानते हैं कि आंतों को कैसे शांत करें और पाचन फिर से पटरी पर कैसे लौटे।
पाचन बनाएं परफेक्ट
स्वामी रामदेव की मानें तो पाचन को बेहतर बनाने के लिए आपको सुबह उठकर गुनगुना पानी पीना चाहिए। एलोवेराआंवला और गिलोय का सेवन करना चाहिए। बाजार की चीजें खाने बचें। पानी को उबालकर पीएं और रात में हल्का खाना खाएं।
कब्ज और गैस की छुट्टी
इसके लिए आपको सौंफ और मिश्री चबानी चाहिए। जीरा,धनिया,सौंफ का पानी पीने से भी समस्या में राहत मिलती है। खाने के बाद भुना अदरक खाएं। अंकुरित मेथी खाएं और मेथी का पानी पीएं। अनार खाएं और त्रिफला चूर्ण लें। खाने को अच्छी तरह चबा चबाकर खाएं।
आंत को मजबूत कैसे बनाएं
गुलाब के पत्ते, सौंफ, इलायची, शहद सभी को मिलाकर पेस्ट बना लें। अब इसमें से 1 चम्मच रोज खाएं। इससे पेट और आंतों को बहुत फायदा मिलेगा।
पेट सेट करने के लिए क्या करें
पेट सेट करने के लिए आपको रोजाना गाजर, चुकंदर, लौकी, अनार, सेब का जूस निकालकर पीना चाहिए। इससे पेट सही रहता है। जिन लोगों का पाचन खराब रहता है उन्हें जीरा, धनिया, सौंफ, मेथी, अजवाइन सभी को 11 चम्मच लेकर मिट्टी या कांच के 1 गिलास में डाल दें। इस रात में पानी में भिगो दें और सुबह खाली पेट पीएं। लगातार 11 दिन पीने से आपको काफी फर्क नजर आएगा।



