Satya Report: एम्स नई दिल्ली के डायरेक्टर डॉ. एम श्रीनिवास को नीति आयोग का सदस्य नियुक्त किया गया है. अब एम्स के कार्यकारी निदेशक डॉ. निखिल टंडन होंगे. उनकी नियुक्ति इस पद पर अगले आदेश तक के लिए कर दी गई है. डॉ टंडन एम्स के एंडोक्रोनोलॉजी एंड मेटाबॉलिज्म विभाग में एचओडी और प्रोफेसर थे. वह लंबे समय से इस पद पर थे. अब इसके साथ ही उनको डायरेक्टर एम्स का भी अतिरिक्त प्रभार दिया गया है.

प्रशासन की ओर से जारी लेटर में कहा गया है कि डॉ. टंडन की यह नियुक्ति 6 महीने या नए डायरेक्टर के बनने या जो भी पहले हो तब तक की जा रही है. डॉ निखिल टंडन एम्स के एंडोक्रोनोलॉजी एंड मेटाबॉलिज्म विभाग के हेड के साथ साथ डीन के पद पर भी हैं. इसके साथ ही अब इनको अंतरिम निदेशक भी बना दिया गया है.
एंडोक्राइन सोसायटी ऑफ इंडिया के अध्यक्ष रह चुके
डॉ टंडन का जन्म 1963 को दिल्ली में हुआ था. इन्होंने एम्स दिल्ली से ही एमडी की डिग्री ली थी. 1993 में से ही डॉ. टंडन एम्स में फैकल्टी हैं. डॉ टंडन पीएचडी भी कर चुके हैं. डॉ टंडन एंडोक्राइन सोसायटी ऑफ इंडिया के अध्यक्ष भी रह चुके हैं और साल 2015 में इनको पद्मश्री से भी नवाजा गया है. डॉ टंडन ने इन्होंने 871 से ज्यादा रिसर्च पेपर प्रकाशित किए हैं, जिन्हें 1 लाख से ज्यादा साइटेशन मिल चुके हैं.
डब्ल्यूएचओ के Technical Advisory Group on Diabetes के चेयरमैन रहे हैं. वह एम्स दिल्ली के सीनियर फैकल्टी में से एक हैं. डॉ श्रीनिवास के नीति आयोग में नियुक्त होने के बाद यह संभावना जताई जा रही थी कि वरिष्ठता के आधार पर डॉ. टंडन को एम्स का अंतरिम निदेशक बनाया जा सकता है.
मेटाबॉलिज्म बीमारियों पर सालों से कर रहे काम
डॉ टंडन मेटाबॉलिक बीमारियां जैसे शुगर, थाइराइड और हार्मोन संबंधी बीमारियों पर दशकों से काम कर रहे हैं. डॉ. टंडन कहते हैं कि लाइफस्टाइल को अच्छा रखकर इन बीमारियों से आसानी से बचाव किया जा सकता है. अगर हर व्यक्ति अपने खानपान का ध्यान रखें और एक्सरसाइज करे तो टाइप 2 डायबिटीज से लेकर थाइराइड होने की आशंका काफी कम रहती है. इस विषय पर डॉ. टंडन कई रिसर्च पेपर भी प्रकाशित कर चुके हैं. हाल ही में डॉ टंडन ने महिलाओं में प्रेगनेंसी के बाद होने वाली डायबिटीज पर बड़ी रिसर्च का नेतृत्व किया था.



