Satya Report: डाक कर्मचारियों के प्रमुख संगठन राष्ट्रीय डाक संगठनों का महासंघ ने 8वें वेतन आयोग के सामने कई अहम मांगें रखी हैं. 20 अप्रैल 2026 को सौंपे गए मेमोरेंडम में सैलरी बढ़ोतरी, भत्तों में सुधार, प्रमोशन और महिला कर्मचारियों के लिए नई सुविधाओं की मांग की गई है. यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब 8th Central Pay Commission 28 से 30 अप्रैल के बीच नई दिल्ली में कर्मचारी यूनियनों और संगठनों से बातचीत करने जा रहा है.

एंट्री लेवल से लेकर पोस्टमैन तक सैलरी बढ़ाने की मांग
FNPO ने एंट्री लेवल कर्मचारियों के लिए न्यूनतम बेसिक सैलरी 69,000 रुपए करने का प्रस्ताव दिया है, जो अभी 7वें वेतन आयोग के तहत 18,000 रुपए है. वहीं पोस्टमैन और मेल गार्ड की बेसिक सैलरी 25,500 रुपए से बढ़ाकर 1.12 लाख रुपए करने की मांग की गई है.
इसके अलावा पोस्टल और सॉर्टिंग असिस्टेंट, सुपरवाइजर और अन्य कैडर के लिए भी बड़ी सैलरी बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा गया है. संगठन ने कुछ पेलेवल को मर्ज करने की भी सिफारिश की है, ताकि वेतन ढांचे को सरल बनाया जा सके.
3.83 फिटमेंट फैक्टर और 6% सालाना इंक्रीमेंट
FNPO ने सभी कर्मचारियों के लिए 3.83 फिटमेंट फैक्टर लागू करने की मांग की है, जो 7वें वेतन आयोग में 2.57 था. फिटमेंट फैक्टर के जरिए ही नई सैलरी और पेंशन तय होती है, इसलिए इसका सीधा असर कर्मचारियों की आय पर पड़ेगा.
साथ ही संगठन ने सालाना इंक्रीमेंट 3% से बढ़ाकर 6% करने की मांग की है. FNPO का कहना है कि मौजूदा 3% वृद्धि महंगाई, खासकर शहरी खर्च, हेल्थकेयर और शिक्षा के बढ़ते खर्च को देखते हुए पर्याप्त नहीं है.
प्रमोशन, HRA और एसेट एलोकेशन पर जोर
संगठन ने Modified Assured Career Progression स्कीम के तहत हर कर्मचारी को कम से कम 5 प्रमोशन देने की मांग की है, ताकि वेतन ठहराव की समस्या दूर हो सके. हाउस रेंट अलाउंस को भी बढ़ाने का प्रस्ताव है X श्रेणी के शहरों में 40%, Y में 35% और Z में 30%. FNPO का कहना है कि HRA को महंगाई भत्ते के साथ जोड़कर समयसमय पर बढ़ाया जाना चाहिए.
महिला कर्मचारियों और हेल्थ सुविधाओं पर फोकस
महिला कर्मचारियों के लिए साल में 12 मेंस्ट्रुअल लीव, बेहतर चाइल्ड केयर लीव , क्रेच सुविधा और जेंडरसेंसिटिव पोस्टिंग की मांग की गई है. इसके अलावा, सभी कर्मचारियों और पेंशनर्स को CGHS के तहत कैशलेस इलाज की सुविधा देने और इसे ज्यादा जिलों तक विस्तार करने का सुझाव दिया गया है.
पेंशन और अन्य सुधारों की मांग
FNPO ने पेंशन और फैमिली पेंशन का खर्च विभाग से हटाकर सीधे केंद्र सरकार के फंड से देने की मांग की है. संगठन का तर्क है कि इससे विभाग पर कृत्रिम वित्तीय दबाव कम होगा. इसके साथ ही सभी भत्तों की समीक्षा, सेविंग बैंक से जुड़े कामों के लिए उचित मुआवजा और एक्ससर्विसमैन के लिए एक समान सैलरी फिक्सेशन की भी मांग रखी गई है.
आगे क्या?
8वां वेतन आयोग आने वाले महीनों में अलगअलग राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भी बैठकें करेगा. इन बैठकों के आधार पर सिफारिशें तैयार की जाएंगी. कुल मिलाकर, डाक कर्मचारियों की ये मांगें अगर मानी जाती हैं, तो इससे लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स को बड़ा फायदा मिल सकता है और उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार आ सकता है.


