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शेयर बाजार में इस NBFC कंपनी का जलवा, छप्परफाड़ मुनाफे के बाद 17% उछला शेयर

Satya Report: ‘आय फाइनेंस’ के शेयरों ने आज जबरदस्त उड़ान भरी है. सोमवार, 27 अप्रैल को इस NBFC कंपनी का शेयर 17 फीसदी की तूफानी तेजी के साथ 158 रुपये के अपने ऑलटाइम हाई पर पहुंच गया. इस शानदार उछाल के पीछे कंपनी के वे दमदार तिमाही नतीजे हैं.मार्च तिमाही में कंपनी के प्रदर्शन ने निवेशकों की झोली भर दी है. वित्तीय वर्ष की आखिरी तिमाही में आय फाइनेंस का शुद्ध मुनाफा सालदरसाल आधार पर सीधे 110 प्रतिशत बढ़कर 86 करोड़ रुपये हो गया है.

शेयर बाजार में इस NBFC कंपनी का जलवा, छप्परफाड़ मुनाफे के बाद 17% उछला शेयर
शेयर बाजार में इस NBFC कंपनी का जलवा, छप्परफाड़ मुनाफे के बाद 17% उछला शेयर

मुनाफे के साथसाथ कंपनी के कारोबार का आकार भी तेजी से बढ़ा है. एसेट्स अंडर मैनेजमेंट 27 फीसदी की बढ़त के साथ 7,044 करोड़ रुपये के स्तर को पार कर गया है. इस दौरान कंपनी ने बाजार में कर्ज बांटने में भी 25 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की है और 70 हजार से ज्यादा नए ग्राहकों को अपने साथ जोड़ा है.

डूबते कर्ज में आई बड़ी गिरावट, मजबूत हुई वित्तीय सेहत

किसी भी फाइनेंस कंपनी की असली ताकत उसकी एसेट क्वालिटी में छिपी होती है और आय फाइनेंस ने इस मोर्चे पर भी खुद को मजबूती से साबित किया है. कंपनी की क्रेडिट कॉस्ट घटकर 4.3 फीसदी पर आ गई है, जो पिछली पांच तिमाहियों से लगातार कम हो रही है. फंसे हुए कर्ज यानी ग्रॉस एनपीए में भी सुधार देखने को मिला है और यह घटकर 4.8 फीसदी रह गया है, जबकि नेट एनपीए 1.8 प्रतिशत पर है. फरवरी 2026 में अपने आईपीओ के जरिए 710 करोड़ रुपये जुटाने के बाद कंपनी की नेटवर्थ काफी मजबूत हुई है, जिसका सीधा असर इसके शानदार 4.6% रिटर्न ऑन एसेट्स और 16% रिटर्न ऑन इक्विटी पर साफ दिखाई दे रहा है.

89 रुपये तक गिरा था शेयर, अब कराई तगड़ी कमाई

इस शेयर का सफर बाजार में काफी उतारचढ़ाव भरा रहा है. फरवरी 2026 के मध्य में 129 रुपये के भाव पर लिस्ट होने के बाद, शुरुआत में इसे संघर्ष करना पड़ा. एक समय ऐसा भी आया जब अप्रैल की शुरुआत में यह गिरकर 89 रुपये तक पहुंच गया था. लेकिन इसके बाद जो रिकवरी हुई, उसने सबका ध्यान खींचा. दमदार नतीजों के दम पर अब यह शेयर अपने लिस्टिंग प्राइस से काफी ऊपर ट्रेड कर रहा है.

छोटे कारोबारियों पर फोकस से मिली बड़ी कामयाबी

साल 2014 में शुरू हुई यह कंपनी मुख्य रूप से भारत के छोटे और मझोले उद्योगों को कर्ज देने का काम करती है. पूरे वित्तीय वर्ष 2026 की बात करें तो नए लेबर नियमों के खर्चों को सहने के बावजूद, कंपनी का सालाना मुनाफा 13 फीसदी बढ़कर 194 करोड़ रुपये रहा. इस साल कंपनी ने दो लाख से ज्यादा नए ग्राहक जोड़े. कंपनी के प्रबंधन का साफ कहना है कि उनका फोकस छोटे उद्यमों को सही तरीके से कर्ज देने और जोखिम प्रबंधन पर बना हुआ है. कर्ज वसूली की शानदार रफ्तार के चलते कंपनी को आने वाले समय में भी ऐसे ही बेहतरीन प्रदर्शन की उम्मीद है.

Disclaimer: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए. TV9 भारतवर्ष अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है.

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