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पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का मैनेजर टर्मिनेट, कपल्स का प्राइवेट वीडियो रिकॉर्ड कर करता था ब्लैकमेल! हुआ खुलासा

पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का मैनेजर टर्मिनेट, कपल्स का प्राइवेट वीडियो रिकॉर्ड कर करता था ब्लैकमेल! हुआ खुलासा

पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर सफर करने वालों के लिए एक बेहद चौंकाने वाली कहानी सामने आई है। जिस सिस्टम का काम दुर्घटनाओं पर नजर रखना और यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाना था, उसी सिस्टम को चलाने वाले एक मैनेजर ने इसे अपनी कमाई का जरिया बना लिया। कैमरों के जरिए लोगों की निजी जिंदगी में झांकना, रिकॉर्डिंग करना, फिर मौके पर पहुंचकर ब्लैकमेल करना, उसके पूरे काले कारनामे के पूरे खेल का अब पर्दाफाश हो चुका है।
सबसे दर्दनाक मामला एक नवविवाहित जोड़े का है, जो 25 अक्टूबर को अपनी कार में आजमगढ़ से लखनऊ जा रहे थे। बल्दीराय थाना क्षेत्र के पास कुछ देर गाड़ी रोकी, उसी समय एक्सप्रेस-वे के कैमरों पर उनकी कार रुकती दिखाई दी, लेकिन यह जानकारी सुरक्षा के लिए इस्तेमाल नहीं हुई, बल्कि उन कैमरों का इस्तेमाल ATMS मैनेजर आशुतोष ने नव विवाहित दंपति के निजी वीडियो को रिकॉर्ड करने के लिए किया। उसने कपल का निजी वीडियो रिकॉर्ड कर लिया।
वीडियो रिकॉर्ड करने के थोड़ी देर बाद मैनेजर सीधे उनकी कार के पास पहुंचा, दरवाजा खुलवाया और वीडियो दिखाकर धमकी दी कि अगर पैसे नहीं दिए तो वह इस वीडियो को वायरल कर देगा। घबरा चुके नवदंपती से उसने 32 हजार रुपये वसूल लिए और सबसे शर्मनाक बात यह कि रकम ले लेने के बाद भी वीडियो सोशल मीडिया पर डाल दिया।
पीड़ित नवदंपती इस मैनेजर के केवल एक शिकार नहीं हैं। उसके खिलाफ पांच से छह लोगों ने भी लिखित शिकायतें दी हैं। इनमें एक युवक ने बताया कि वह गर्लफ्रेंड के साथ कार में था, उससे 10 हजार रुपये लिए गए। शिकायतों में ये भी कहा गया है कि मैनेजर टोल प्लाजा के आसपास के गांवों जरईकलां, हलियापुर और गौहनियां की महिलाओं पर कैमरों से नजर रखता था। घर से बाहर आने-जाने वाले लोगों की गतिविधियां वह रिकॉर्ड करता, फिर उन्हें ब्लैकमेल करता था।
जांच में एक और चौंकाने वाली बात सामने आई कि एक पुराने मामले में उसने पुलिसवालों के खिलाफ भी वीडियो बना लिया था। ट्रक ड्राइवर और एक महिला से वसूली करते पुलिसकर्मियों का वीडियो उसने कैमरे से रिकॉर्ड किया और उसी वीडियो को दिखाकर उनसे दो हजार रुपये ले लिए। जैसे-जैसे शिकायतें सामने आ रही हैं, कहानी और गहरी होती जा रही है। आरोप है कि मैनेजर दुर्घटनाओं वाले मामलों में भी पैसा लेकर दूसरी गाड़ी का नंबर बदल देता था। यानी जो सिस्टम पूरे एक्सप्रेस-वे की निगरानी के लिए था, उसे वह अपनी मर्जी से मोड़ लेता था।
पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे 341 किलोमीटर लंबा है और हर दो किलोमीटर पर हाई रेजोल्यूशन कैमरे लगे हैं, जिनका नियंत्रण हलियापुर टोल प्लाजा से होता है। कैमरों की यही ताकत आरोपी को गलत दिशा ले गई। फिलहाल इस मामले में मुख्यमंत्री के नाम दिए गए शिकायती पत्र से ये खुलासा हुआ है और इससे पहले आरोपी मैनेजर को टर्मिनेट कर दिया गया है।

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