
18 दिसंबर को पौष कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि और गुरुवार का दिन है। चतुर्दशी तिथि गुरुवार को पूरा दिन और रात पार करके शुक्रवार सुबह 5 बजे तक रहेगी। 18 दिसंबर को दोपहर बाद 3 बजकर 6 मिनट तक धृति योग रहेगा। साथ ही गुरुवार रात 8 बजकर 7 मिनट तक अनुराधा नक्षत्र रहेगा। इसके अलावा 18 दिसंबर को मास महाशिवरात्रि व्रत है। आचार्य इंदु प्रकाश से जानिए गुरुवार का पंचांग, राहुकाल, शुभ मुहूर्त और सूर्योदय-सूर्यास्त का समय।
18 दिसंबर 2025 का शुभ मुहूर्त
पौष कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि- 18 दिसंबर को पूरा दिन और रात पार करके शुक्रवार सुबह 5 बजे तक
धृति योग- 18 दिसंबर को दोपहर बाद 3 बजकर 6 मिनट तक
अनुराधा नक्षत्र- 18 दिसंबर को रात 8 बजकर 7 मिनट तक
18 दिसंबर 2025 व्रत-त्यौहार- मासिक शिवरात्रि व्रत
राहुकाल का समयदिल्ली- दोपहर 01:35 से दोपहर 02:52 तक
मुंबई- दोपहर 01:57 से दोपहर बाद 03:20 तक
चंडीगढ़- दोपहर 01:35 से दोपहर 02:52 तक
लखनऊ- दोपहर 01:21 से दोपहर 02:39 तक
भोपाल- दोपहर 01:37 से दोपहर 02:57 तक
कोलकाता- दोपहर बाद 12:53 से दोपहर 02:14 तक
अहमदाबाद- दोपहर 01:58 से दोपहर बाद 03:20 तक
चेन्नई- दोपहर 01:30 से दोपहर 02:55 तक
सूर्योदय और सूर्यास्त का समय
धृति योग- 18 दिसंबर को दोपहर बाद 3 बजकर 6 मिनट तक
अनुराधा नक्षत्र- 18 दिसंबर को रात 8 बजकर 7 मिनट तक
18 दिसंबर 2025 व्रत-त्यौहार- मासिक शिवरात्रि व्रत
राहुकाल का समयदिल्ली- दोपहर 01:35 से दोपहर 02:52 तक
मुंबई- दोपहर 01:57 से दोपहर बाद 03:20 तक
चंडीगढ़- दोपहर 01:35 से दोपहर 02:52 तक
लखनऊ- दोपहर 01:21 से दोपहर 02:39 तक
भोपाल- दोपहर 01:37 से दोपहर 02:57 तक
कोलकाता- दोपहर बाद 12:53 से दोपहर 02:14 तक
अहमदाबाद- दोपहर 01:58 से दोपहर बाद 03:20 तक
चेन्नई- दोपहर 01:30 से दोपहर 02:55 तक
सूर्योदय और सूर्यास्त का समय
सूर्योदय का समय- सुबह 07:07 बजे
सूर्यास्त का समय- शाम 5:27 बजे
मासिक शिवरात्रि व्रत
प्रत्येक महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को भगवान शिव को समर्पित मासिक शिवरात्रि का व्रत किया जाता है। इस दिन भगवान शिव की पूजा करने से मनोवांछित फलों की प्राप्ति होती है। इसके साथ ही अविवाहित जातक के विवाह में आ रही अड़चनें दूर हो जाती है और सुयोग्य वर या वधू की प्राप्ति होती है ।
सूर्यास्त का समय- शाम 5:27 बजे
मासिक शिवरात्रि व्रत
प्रत्येक महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को भगवान शिव को समर्पित मासिक शिवरात्रि का व्रत किया जाता है। इस दिन भगवान शिव की पूजा करने से मनोवांछित फलों की प्राप्ति होती है। इसके साथ ही अविवाहित जातक के विवाह में आ रही अड़चनें दूर हो जाती है और सुयोग्य वर या वधू की प्राप्ति होती है ।



