यूपी के कानपुर शहर में पालतू कुत्ते के हमले का एक और सनसनीखेज मामला सामने आया है. विकास नगर इलाके में पालतू जर्मन शेफर्ड नस्ल के कुत्ते राबर्ट ने परिवार की महिला पर हमला कर दिया. इस बार कुत्ते ने अपनी मालकिन किरण त्रिवेदी को गंभीर रूप से घायल कर दिया. महिला के दोनों हाथों में गहरे जख्म आए हैं और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

चौंकाने वाली बात यह है कि यही वही कुत्ता है जिसने पिछले साल 90 वर्षीय मोहिनी त्रिवेदी की जान ले ली थी. मोहिनी त्रिवेदी पुडुचेरी के पूर्व उपराज्यपाल त्रिभुवन प्रसाद तिवारी की बहन थीं. बीते वर्ष 19 मार्च को विकास नगर स्थित घर में कुत्ते ने उन पर हमला कर दिया था, तब मोहिनी त्रिवेदी ने कुत्ते को छड़ी से डराने का प्रयास किया था, जिससे आक्रामक होकर राबर्ट ने उन पर हमला कर दिया था और उनके पैरों में फ्रैक्चर हो गया था. इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी.
कुत्ते को शेल्टर होम ले गई थी निगम टीम
घटना के बाद नगर निगम की टीम ने कुत्ते को पकड़कर शेल्टर होम भेज दिया था. हालांकि करीब 20 दिन बाद परिवार के सदस्य प्रशांत त्रिवेदी ने हलफनामा देकर कुत्ते को वापस घर ले आया था. हलफनामे में यह जिम्मेदारी ली गई थी कि भविष्य में कुत्ता किसी पर हमला करता है तो उसकी पूरी जवाबदेही परिवार की होगी.
1 मई को घर आया था राबर्ट
पड़ोसियों के अनुसार, प्रशांत 1 मई को ही राबर्ट को वापस घर लाया था. बीते शनिवार रात करीब 10:30 बजे, जब प्रशांत घर पर मौजूद नहीं था, तो राबर्ट ने अपनी बुजुर्ग मालकिन किरण त्रिवेदी पर हमला कर दिया. गंभीर रूप से घायल महिला को देर रात सर्वोदय नगर के रतनदीप हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया. हैरानी की बात यह है कि परिजनों ने घटना को दो दिनों तक छिपाए रखा और अस्पताल में कुत्ते के हमले के बजाय आवारा पशु द्वारा चोट लगने की बात कही.
फिर शेल्टर होम जाएगा कुत्ता
मामला संज्ञान में आने के बाद नगर निगम प्रशासन सख्त रुख अपना रहा है. मुख्य पशुचिकित्साधिकारी डॉ. आर.के. निरंजन ने बताया कि कुत्ते का पंजीकरण है. परिवार ने हलफनामा दिया था और उसका उल्लंघन हुआ है. इसलिए नगर निगम की टीम मंगलवार को दोबारा कुत्ते को पकड़कर शेल्टर होम भेजेगी. उन्होंने कहा कि सार्वजनिक सुरक्षा से समझौता नहीं किया जा सकता. डाॅक्टरों के अनुसार किरण त्रिवेदी की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है.



