हरियाणा के नूंह जिले में केएमपी एक्सप्रेसवे पर यूपी पुलिस की टीम एक भीषण सड़क हादसे का शिकार हो गई. इस दर्दनाक दुर्घटना में यूपी पुलिस के दो उपनिरीक्षकों समेत पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई. पुलिस टीम जींद के थाना सिविल लाइन क्षेत्र के सब्जी मंडी रोड अमरहेडी निवासी बिजेन्द्र सिंह पुत्र रघुवीर सिंह के अपहरण मामले में जांच के लिए गई थी.

जानकारी के अनुसार, जालौन जिले की पुलिस टीम एक अपहरण मामले में अपहृत व्यक्ति की तलाश और बरामदगी के लिए हरियाणा गई थी. इसी दौरान आज सुबह करीब 10 बजे नूंह जिले के तावड़ू सदर थाना क्षेत्र में उनकी गाड़ी सड़क दुर्घटना का शिकार हो गई. हादसा इतना भीषण था कि वाहन में सवार पांचों लोगों की मौके पर ही मौत हो गई.
उरई कोतवाली की भी हुई मौत
मृतकों में कोतवाली उरई, जालौन में तैनात उपनिरीक्षक सत्यभान सिंह और उपनिरीक्षक मोहित कुमार यादव शामिल हैं. इसके अलावा सर्विलांस सेल के आरक्षी प्रदीप कुमार और आरक्षी अशोक कुमार की भी हादसे में जान चली गई. पांचवें मृतक अपहरण मामले के शिकायतकर्ता अमरीक सिंह बताए गए हैं, जो पंजाब के संगरूर जिले के रहने वाले थे.
क्या था मामला?
पुलिस के मुताबिक जालौन जिले के कोतवाली उरई थाने में अपहरण का मुकदमा दर्ज किया गया था. मामला हरियाणा के जींद निवासी बिजेंद्र सिंह के अपहरण से जुड़ा था. इसी मामले की जांच और अपहृत की सकुशल बरामदगी के लिए विशेष पुलिस टीम गठित की गई थी, जो जांच के सिलसिले में हरियाणा पहुंची थी.
मृतक उपनिरीक्षक सत्यभान सिंह मूल रूप से कासगंज जिले के निवासी थे, जबकि मोहित कुमार यादव कन्नौज जनपद के रहने वाले थे. आरक्षी प्रदीप कुमार रायबरेली और अशोक कुमार बांदा जिले के निवासी बताए जा रहे हैं.
जालौन पुलिस अधीक्षक ने हादसे की पुष्टि करते हुए बताया कि सभी मृतकों के परिजनों को सूचना दे दी गई है. शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है. उन्होंने कहा कि अपहरण मामले के साथ ही सड़क हादसे के कारणों की जांच भी शुरू कर दी गई है.



