तमिलनाडु की राजनीति में दशकों पुराने द्रविड़ किलों को ध्वस्त करते हुए अभिनेता से राजनेता बने विजय की पार्टी ‘तमिलगा वेत्री कड़गम’ अब सरकार बनाने की दहलीज पर खड़ी है। ताज़ा घटनाक्रम में, टीवीके प्रमुख विजय ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से फोन पर विस्तार से बात की है। सूत्रों के मुताबिक, विजय ने राज्य में एक स्थिर और धर्मनिरपेक्ष सरकार के गठन के लिए कांग्रेस का समर्थन मांगा है।

इस महत्वपूर्ण चर्चा के बाद कांग्रेस आलाकमान ने सैद्धांतिक रूप से विजय को समर्थन देने पर सहमति जता दी है। हालांकि, दिल्ली नेतृत्व ने अंतिम निर्णय और गठबंधन की रूपरेखा तय करने का निर्देश तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी को दिया है।
गौरतलब है कि तमिलनाडु की 234 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत के लिए 118 सीटों की आवश्यकता है। हालिया चुनाव परिणामों में विजय की पार्टी 108 सीटों के साथ सबसे बड़े दल के रूप में उभरी है, जो बहुमत के जादुई आंकड़े से मात्र 10 सीटें दूर है। कांग्रेस और अन्य छोटे दलों के संभावित समर्थन के साथ विजय अब राज्यपाल के समक्ष सरकार बनाने का दावा पेश करने के लिए तैयार हैं।
राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज है कि यदि गठबंधन सफल रहता है, तो तमिलनाडु में दशकों बाद ‘गठबंधन सरकार’ का दौर लौटेगा। विजय ने खुद दोनों निर्वाचन क्षेत्रों से जीत दर्ज की है। कांग्रेस नेताओं का मानना है कि ‘युवाओं की आवाज’ बनकर उभरे विजय को समर्थन देना राज्य के भविष्य के लिए एक सकारात्मक कदम होगा।
इस गठबंधन से यह संकेत मिलता है कि तमिलनाडु में सरकार गठन की प्रक्रिया अब तेज़ी से आगे बढ़ सकती है और राज्य में स्थिर प्रशासनिक वातावरण बनने की उम्मीद जताई जा रही है।



