जहां एक ओर शेयर बाजार और रुपए में तेजी देखने को मिली. वहीं दूसरी ओर एक्सपोर्ट के मोर्चे पर भी अच्छी खबर आ गई है. वित्त वर्ष 2026 भारत ने एक्सपोर्ट के मोर्चे पर बड़ी छलांग लगाई है. खास बात तो ये है कि भारत ने बीते वित्त वर्ष में हर एक मिनट के अंदर 15 करोड़ रुपए से ज्यादा का एक्सपोर्ट किया है. सरकार की ओर से बुधवार को एक्पोर्ट और इंपोर्ट का डाटा जारी किया गया है. जिसमें कई तरह की जानकारी सामने आई है. आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर सरकार की ओर से किस तरह का डाटा जारी किया है.

एक्सपोर्ट का बनाया रिकॉर्ड
कॉमर्स मिनिस्ट्री के संशोधित आंकड़ों के अनुसार, ग्लोबल इकोनॉमिक अनिश्चितताओं के बावजूद, देश के सामान और सेवाओं का निर्यात 202425 के 825.26 अरब डॉलर से बढ़कर 202526 में 4.6 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 863.11 अरब डॉलर यानी 81.42 लाख करोड़ रुपए के अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया. इसका मतलब है कि सरकार ने दुनिया को पिछले वित्त वर्ष में हर रोज 22,325 करोड़ रुपए से ज्यादा का एक्सपोर्ट किया. जबकि हर 24 घंटे में देश ने दुनिया को 930 करोड़ रुपए से ज्यादा एक्सपोर्ट किया है. वहीं हर एक मिनट में सरकार की ओर से देश से बाहर दुनिया के दूसरे देशों को 15.50 करोड़ रुपए से ज्यादा का एक्सपोर्ट हुआ है. आंकड़ों से पता चला कि पिछले वित्त वर्ष में, माल का निर्यात 202425 के 437.70 अरब डॉलर से बढ़कर 0.93 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 441.78 अरब डॉलर हो गया.
सर्विस एक्सपोर्ट में सबसे ज्यादा इजाफा
एक अधिकारी ने कहा कि वैश्विक अनिश्चितताओं और माल व्यापार में चुनौतियों के बावजूद, भारत के माल निर्यात ने अपनी ऊपर की ओर जाने वाली गति को बनाए रखा, और कुल निर्यात बास्केट में महत्वपूर्ण योगदान दिया. हालांकि, सबसे शानदार प्रदर्शन सेवाओं के निर्यात का रहा, जो 202425 के 387.55 अरब डॉलर की तुलना में 202526 में 8.71 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज करते हुए, 421.32 अरब डॉलर के अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया. अधिकारी ने आगे कहा कि यह तेज वृद्धि IT, व्यावसायिक समाधान और पेशेवर विशेषज्ञता जैसी सेवाओं की बढ़ती वैश्विक मांग को रेखांकित करती है, और सेवा क्षेत्र में देश की ताकत को और मजबूत करती है.



