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बंगाल में सत्ता जाने के बाद अभिषेक बनर्जी को झटका, कम हुई सुरक्षा, पड़ोसी मना रहे खुशी

Mamata Banerjee and Abhishek Banerjee: पश्चिम बंगाल में सियासी समीकरण बदलने के बाद तृणमूल कांग्रेस के नेता अभिषेक बनर्जी को बड़ा झटका लगा है। ममता बनर्जी के भतीजे के घर के बाहर से सुरक्षा व्यवस्था कम कर दी गई है। आमतौर पर उनके घर के बाहर भारी पुलिस बल तैनात रहता था लेकिन विधानसभा चुनाव के नतीजों के सामने आने के बाद सुरक्षा व्यवस्था में कमी कर दी गई है। इलाके में रहने वाले लोगों ने इस घटनाक्रम पर खुशी जताई है। लोगों का कहना है कि अब वह उस रास्ते से आसानी से गुजर सकते हैं।

बंगाल में सत्ता जाने के बाद अभिषेक बनर्जी को झटका, कम हुई सुरक्षा, पड़ोसी मना रहे खुशी
बंगाल में सत्ता जाने के बाद अभिषेक बनर्जी को झटका, कम हुई सुरक्षा, पड़ोसी मना रहे खुशी

एएनआई से बात करते हुए स्थानीय निवासी सौरव बनर्जी ने अभिषेक बनर्जी के घर के बाहर से कम हुई सुरक्षा व्यवस्था के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि 4 मई के पहले तक टीएमसी सांसद के घर के बाहर भारी संख्या में बंगाल पुलिस बल तैनात रहता था। अब उस में कमी आई है। धीरेधीरे सुरक्षाकर्मी वहां से हट रहे हैं। उन्होंने कहा, “यह अभिषेक बनर्जी का घर है। इतना बड़ा घर बनवाया है। यहां पहले एक सांसद के लिए 300 से 350 पुलिसकर्मी तैनात रहते थे। अब स्थिति देखिकए, माहौल शांत तहै। लोग सड़कों पर चल सकते हैं। पहले हमें परेशानी होती थी।”

इलाके के लिए कुछ नहीं किया, धमकाते थे: स्थानीय रहवासी
सौरव ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा, “यहां पर अभिषेक बनर्जी का घर है, लेकिन उन्होंने हमारे लिए कुछ नहीं किया। वह हमें धमकाते थेत, लेकिन अब लोग शांति से रह रहे हैं। अभी हम बहुत अच्छी स्थिति में हैं। जो बदलाव आया है, वह बहुत अच्छा है।” अभिषेक बनर्जी के घर के बाहर से कम होती सुरक्षा व्यवस्था का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें सुरक्षा मशीनों उनके निवास शांति निकेतन से हटाया जा रहा है।

इससे पहले दिन में, चुनाव आयोग ने विधानसभा चुनाव के बाद होने वाली हिंसा को रोकने के लिए सभी अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। आयोग का यह आदेश आसनसोल में तृणमूल कांग्रेस के कार्यालय को तोड़े जाने के बाद आया है। टीएमसी के मुताबिक अज्ञात हमलावरों ने कार्यालय में तोड़फोड़ की। इस हमले की वजह से कार्यालय परिसर को काफी नुकसान पहुंचा है। टीएमसी ने इसका आरोप खुले तौर पर भाजपा के ऊपर लगाया है।

बता दें, ममता बनर्जी की 15 साल की सत्ता को ध्वस्त करते हुए भारतीय जनता पार्टी ने पश्चिम बंगाल में ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। 294 विधानसभा सीटों वाली पश्चिम बंगाल विधानसभा में भाजपा ने 207 सीटें हासिल की हैं। ममता बनर्जी ने न सिर्फ बंगाल का ताज गंवाया है, बल्कि वह अपनी सीट भी बचाने में नाकामयाब रहीं। सुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम के बाद उन्हें भवानीपुर से भी शिकस्त दी है।

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