
Ghatkopar BJP MLA Parag Shah: मुंबई के घाटकोपर इलाके में शुक्रवार को उस वक्त सनसनी फैल गई जब स्थानीय भाजपा विधायक पराग शाह का एक चौंकाने वाला वीडियो सामने आया। इस वीडियो में विधायक महोदय एक रिक्शा चालक की सरेआम पिटाई करते और उसे अपशब्द कहते नजर आ रहे हैं, जिससे सियासी गलियारों में बहस छिड़ गई है।
बीच सड़क पर विधायक का हाई-वोल्टेज ड्रामा
सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहे इस वीडियो में घाटकोपर ईस्ट के विधायक पराग शाह का गुस्सा साफ देखा जा सकता है। वीडियो में वह एक रिक्शा चालक के कान के पास जोर से मारते हुए और उसे गाली देते हुए दिखाई दे रहे हैं। जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना महात्मा गांधी मार्ग पर हुई, जहां एक रिक्शा चालक यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए गलत दिशा (Wrong Side) से गाड़ी चला रहा था। रिक्शा चालक की इस लापरवाही को देख विधायक अपना नियंत्रण खो बैठे और उन्होंने मौके पर ही उसे सजा दे दी।
भाजप आमदार पराग शहा यांची रिक्षाचालकाला मारहाण.
या आमदारांना कायदा हातात घेण्याचा अधिकार दिला कोणी ?#AbuseOfPower #BJPMLA #ParagShah #PoliticalViolence #powermisuse #stopgoondaraj pic.twitter.com/d9naqI5rNj
— Maharashtra Congress (@INCMaharashtra) December 20, 2025
अतिक्रमण के खिलाफ ‘एक्शन’ में थे नेताजी
दरअसल, यह घटना उस समय घटी जब विधायक पराग शाह घाटकोपर के वल्लभबाग लेन और खौगली जैसे व्यस्त इलाकों का दौरा कर रहे थे। इन इलाकों में फुटपाथों पर दुकानदारों और अवैध विक्रेताओं ने कुर्सियां और बेंच लगाकर अतिक्रमण कर रखा था, जिससे पैदल चलने वालों को भारी दिक्कत हो रही थी। विधायक इन अवैध विक्रेताओं और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। इसी दौरे के दौरान जब उन्होंने रिक्शा चालक को गलत दिशा में आते देखा, तो मामला मारपीट तक पहुंच गया।
टिळक रोड परिसरात वाढत चाललेल्या अनधिकृत फेरीवाल्यांमुळे तसेच सातत्याने निर्माण होत असलेल्या तीव्र वाहतूक कोंडीमुळे स्थानिक नागरिक प्रचंड त्रस्त झाले आहेत. या समस्येबाबत नागरिकांकडून वारंवार महानगरपालिका व पोलीस प्रशासनाकडे तक्रारी करूनही कोणतीही ठोस व परिणामकारक कार्यवाही होत… pic.twitter.com/9AL4uMeFuA
— Parag Shah (@ParagShahBJP) December 19, 2025
सोशल मीडिया पर छिड़ी जंग: हीरो या विलेन?
इस वायरल वीडियो ने इंटरनेट पर नई बहस को जन्म दे दिया है। एक ओर जहां कुछ स्थानीय लोग विधायक की इस त्वरित कार्रवाई की तारीफ कर रहे हैं और इसे ‘रॉन्ग साइड’ ड्राइविंग करने वालों को सबक सिखाने का तरीका बता रहे हैं, वहीं दूसरी ओर विधायक के आचरण पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
अब लोग पूछ रहे हैं कि क्या विधायक जैसे जिम्मेदार पद पर बैठे व्यक्ति को कानून अपने हाथ में लेने का हक है? भले ही रिक्शा चालक ने नियमों का उल्लंघन किया हो, लेकिन क्या उसकी पिटाई करना और उसे गाली देना एक विधायक के लिए उचित है? फिलहाल यह वीडियो प्रशासन के लिए भी गले की हड्डी बना हुआ है।
यह पूरी घटना उस फुटबॉल मैच की तरह है जहां रेफरी (विधायिका) खुद खिलाड़ी को फाउल करते देख उसे कार्ड दिखाने के बजाय मैदान पर ही मारने लग जाए; जबकि कानून कहता है कि सजा देने का काम केवल नियमों की किताब के अनुसार ही होना चाहिए।



