Trending

UP News: कानपुर पुलिस ने 3200 करोड़ के इंटरनेशनल फर्जीवाड़े का किया पर्दाफाश, आरोपों पर आरोपी ने तोड़ी चुप्पी…

Kanpur: कानपुर पुलिस ने उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े वित्तीय फर्जीवाड़ों में से एक, 3200 करोड़ के घोटाले में बड़ी सफलता हासिल करते हुए मुख्य इनामी अपराधी महफूज अली को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने घेराबंदी कर महफूज को सेंट जोसेफ स्कूल के पास से दबोचा। लेकिन गिरफ्तारी के बाद आरोपी ने जो खुलासे किए हैं, उसने बैंकिंग जगत और प्रशासन में हड़कंप मचा दिया है।

UP News: कानपुर पुलिस ने 3200 करोड़ के इंटरनेशनल फर्जीवाड़े का किया पर्दाफाश, आरोपों पर आरोपी ने तोड़ी चुप्पी…
UP News: कानपुर पुलिस ने 3200 करोड़ के इंटरनेशनल फर्जीवाड़े का किया पर्दाफाश, आरोपों पर आरोपी ने तोड़ी चुप्पी…

IDBI बैंक कर्मचारी पर गंभीर आरोप
गिरफ्तारी के बाद अपनी चुप्पी तोड़ते हुए महफूज अली ने सीधे तौर पर IDBI बैंक के कर्मचारी सत्यप्रकाश को इस खेल में शामिल बताया। महफूज का आरोप है कि सत्यप्रकाश 1.5 लाख रुपये लेकर फर्जी APMC सर्टिफिकेट तैयार करता था। इतना ही नहीं, हर 1 लाख रुपये के ट्रांजैक्शन पर 300 रुपये का कमीशन मिलता था। आरोपी का दावा है कि बैंक कर्मचारी की मिलीभगत के बिना इतना बड़ा ट्रांजैक्शन मुमकिन नहीं था।

स्लॉटर हाउस और फर्जी फर्मों का जाल
जांच में सामने आया है कि इस घोटाले का पैसा मुख्य रूप से स्लॉटर हाउस के कारोबार से आता था। महफूज अली और उसके साथियों ने ‘आरती इंटरप्राइजेज’, ‘राजा इंटरप्राइजेज’ और ‘अफीसा इंटरप्राइजेज’ जैसी फर्जी फर्में बनाकर गरीब और अनपढ़ मजदूरों के नाम पर 68 बैंक खाते खुलवाए थे। इन्हीं खातों के जरिए 3200 करोड़ का अवैध लेनदेन किया गया।

इन नामों का भी हुआ खुलासा
पूछताछ में ताहिर, नादमान, अजमेरी, वासित उर्फ राजा और साहिल के नाम भी सामने आए हैं। बताया जा रहा है कि वासित और साहिल ही मुख्य रूप से पैसे के लेनदेन का काम देखते थे। पुलिस अब इन सभी आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही है और IDBI बैंक कर्मचारी की भूमिका की गहनता से जांच की जा रही है।

contact.satyareport@gmail.com

Leave a Reply