Titan Q4 results: शेयर बाजार में निवेश करने वालों के लिए टाटा ग्रुप की कंपनी टाइटन ने एक बड़ी खुशखबरी दी है. 8 मई को आए कंपनी के मार्च तिमाही के नतीजों ने बाजार के जानकारों को भी हैरान कर दिया है. एक तरफ जहां सोने की आसमान छूती कीमतों से आम आदमी परेशान है, वहीं टाइटन का मुनाफा रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है. कंपनी ने सालदरसाल आधार पर अपने मुनाफे में 35 फीसदी की जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की है, जो अब 1,179 करोड़ रुपये हो गया है. साथ ही, कुल आमदनी 46 फीसदी उछलकर 20,300 करोड़ रुपये के पार निकल गई है.

निवेशकों की हुई चांदी, मिला डिविडेंड का बड़ा तोहफा
जब कोई कंपनी अच्छा मुनाफा कमाती है, तो उसका सीधा असर निवेशकों की जेब पर पड़ता है. टाइटन ने भी अपने शेयरधारकों को निराश नहीं किया है. वित्त वर्ष 202526 के लिए कंपनी ने प्रति शेयर 15 रुपये के शानदार डिविडेंड की घोषणा की है. जल्द ही होने वाली वार्षिक आम बैठक में इस प्रस्ताव को औपचारिक मंजूरी मिल जाएगी. इस बंपर मुनाफे और डिविडेंड की खबर जैसे ही बाजार में आई, टाइटन के शेयरों ने रफ्तार पकड़ ली. देखते ही देखते शेयर 6.3 फीसदी की तगड़ी छलांग लगाते हुए 4,579 रुपये के स्तर पर जा पहुंचा.
महंगे सोने के बावजूद ज्वेलरी कारोबार की नहीं घटी चमक
आम तौर पर माना जाता है कि सोना महंगा होने पर गहनों की मांग घट जाती है. लेकिन टाइटन के मामले में यह धारणा पूरी तरह गलत साबित हुई. कंपनी की इस शानदार सफलता के पीछे उसके ज्वेलरी बिजनेस का सबसे बड़ा हाथ है. बिना बुलियन और डिजीगोल्ड की बिक्री को शामिल किए, ज्वेलरी पोर्टफोलियो की आमदनी में 50 फीसदी का भारी उछाल आया है और यह 18,195 करोड़ रुपये के आंकड़े को छू गई है. यह इस बात का स्पष्ट संकेत है कि ग्राहकों का ब्रांड पर भरोसा कायम है और वे महंगे सोने के बावजूद प्रीमियम गहनों की खरीदारी में पीछे नहीं हट रहे हैं.
विदेशों में भी बज रहा है डंका
टाइटन सिर्फ गहनों तक सीमित नहीं है; घड़ियों के सेगमेंट में भी कंपनी ने अपनी बादशाहत कायम रखी है. मार्च तिमाही में एनालॉग घड़ियों की बिक्री में 15 फीसदी की ठोस ग्रोथ दर्ज की गई है. खासकर प्रीमियम और महंगी घड़ियों में ग्राहकों की बढ़ती दिलचस्पी का कंपनी को सीधा फायदा मिला है. घरेलू बाजार के अलावा, टाइटन का अंतरराष्ट्रीय कारोबार भी तेजी से पैर पसार रहा है. उत्तरी अमेरिका और जीसीसी के बाजारों में कंपनी के ज्वेलरी ऑपरेशंस ने डबल डिजिट में ग्रोथ हासिल की है.
‘दमास ज्वेलरी’ का किया अधिग्रहण
अपने अंतरराष्ट्रीय विस्तार को और धार देते हुए, टाइटन ने इसी तिमाही में एक बड़ा कदम उठाया है. कंपनी ने जीसीसी क्षेत्र के एक बेहद लोकप्रिय और बड़े ब्रांड ‘दमास ज्वेलरी’ में 67 फीसदी हिस्सेदारी के अधिग्रहण की प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है. अगर पूरे वित्त वर्ष 202526 के प्रदर्शन पर नजर डालें, तो कंपनी की स्थिति बेहद मजबूत नजर आती है. इस दौरान कंपनी की कुल कंसॉलिडेटेड आमदनी 33 फीसदी बढ़कर 76,078 करोड़ रुपये रही, जबकि टैक्स चुकाने के बाद का शुद्ध मुनाफा 52 फीसदी के भारी उछाल के साथ 5,073 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है.



