नवादा में साइबर ठगी सिंडिकेट का पर्दाफाश पुलिस ने किया है। 10 करोड़ की ऑनलाइन ठगी का खेल का खुलासा हुआ है….
बिहार के नवादा में साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के दौरान पुलिस ने एक बड़े अंतरराज्यीय ठगी गिरोह का खुलासा किया है। करोड़ों रुपये की ऑनलाइन ठगी करने वाले नेटवर्क से जुड़े एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस जांच में सोनाली एंटरप्राइजेज नाम के बैंक खाते से महाराष्ट्र, राजस्थान समेत कई राज्यों में करीब 10 करोड़ रुपये की साइबर ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है।
- इस पूरे मामले का खुलासा उस वक्त हुआ जब बिहार की आर्थिक अपराध इकाई से नवादा साइबर थाना को संदिग्ध बैंक खाते की जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस अधीक्षक अभिनव धीमान के निर्देश पर तत्काल SIT टीम गठित की गई। तकनीकी जांच, बैंक डिटेल्स, साइबर पोर्टल और ह्यूमन इंटेलिजेंस के जरिए जांच शुरू हुई तो ठगी के बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ।
हेडक्वार्टर डीएसपी निशु मलिक ने प्रेस वार्ता में बताया कि नगर थाना क्षेत्र के कोनिया निवासी बालवीर प्रसाद को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी पर आरोप है कि वह सोनाली एंटरप्राइजेज खाते के जरिए साइबर ठगों के लिए रकम रिसीव करने और उसे अलग-अलग जगहों तक पहुंचाने का काम करता था।
जांच में सामने आया कि यह गिरोह लोगों को ऑनलाइन निवेश, शेयर मार्केट और भारी मुनाफे का झांसा देकर ठगी करता था। आरोपी बालवीर प्रसाद के खाते में 1 करोड़ 4 लाख रुपये के संदिग्ध लेन-देन मिले हैं। इनमें 40 लाख, 46 लाख, 18 लाख और 3 लाख रुपये की अलग-अलग ट्रांजैक्शन शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि साइबर पोर्टल पर महाराष्ट्र और राजस्थान समेत कई राज्यों से इस खाते के खिलाफ शिकायतें दर्ज हैं और कुल ठगी का आंकड़ा करीब 10 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है।
8 मई 2026 को SIT टीम ने कोनिया इलाके में छापेमारी कर आरोपी को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली है। फिलहाल साइबर पुलिस स्टेशन, नवादामें कांड संख्या 50/26 दर्ज कर आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
सपी अभिनव धीमान ने साफ कहा कि जिले में साइबर अपराधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है और ऐसे गिरोहों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि ऑनलाइन निवेश और ज्यादा मुनाफे के लालच में किसी अनजान लिंक या ऑफर पर भरोसा न करें, वरना एक क्लिक में बैंक खाता खाली हो सकता है।




