
Political Year Ender 2025: साल 2025 शनै: शनै: अपने अंतिम दिनों में पहुंच गया है। महज 10 दिन और फिर नया साल 2026 दस्तक दे देगा। लेकिन साल 2025 की कुछ ऐसी सियासी यादें हैं जो अगले कुछ दिनों तक लोगों के जेहन में जिंदा रहेंगी। इनमें वो विवादित बयान भी शामिल हैं, जिन पर जमकर हंगामा मच चुका है।
वैसे तो साल 2025 में सैकड़ों ऐसे बयान लाइम-लाइट में आए जिन पर जमकर बहस छिड़ी। सियासी गलियारों में कोहराम मचा और खूब हंगामा हुआ। लेकिन हम उनमें से पांच बयान लेकर हाजिर हुए हैं। इनमें एक बयान तो ऐसा है कि उसने बिहार में चुनावी बाजी पलट दी और एक ऐसा है, जिस पर खूब बवाल कटा। तो चलिए जानते हैं वो बयान कौन से हैं…
1– ‘मारब सिक्सर के 6 गोली छाती में रे’
साल के 11वें महीने में बिहार में सियासी बिसात पर चुनावी जंग लड़ी गई। चुनाव में रणनीति से के बाद अगर कुछ सबसे ज्यादा काम आता है तो है नैरेटिव गढ़ने वाले बयान। बिहार चुनाव के दौरान, कथित तौर पर महागठबंधन की लीड पार्टी आरजेडी के समर्थकों ने एक गाना रिलीज किया, ‘जिसके बोल थे मारब कट्टा के 6 गोली छाती में रे…’
“मारे सिक्सर के 6 गोली छाती में रे…पावर होला खाली ________ जाति में रे….” फिल इन द ब्लैंक्स कीजिए और अपने जाति के हिसाब से पवार बताने वाला सदाबहार नगमा तैयार….
लेकिन मोदी जी कौन से एक जाति की बात कर रहे हैं? और अगर प्रधानमंत्री होकर ये सब सुन और कर रहे हैं तो लानत है……— Garima Bharti (@GarimaBharti19)
यह गाना सामने आते ही भारतीय जनता पार्टी ने इसे अपना चुनावी हथियार बना लिया। पीएम मोदी ने कई रैलियों में इसका जिक्र किया। उन्होंने मंचों से कहा कि अभी सरकार नहीं बनी है तो ये हाल है, अगर इनकी सरकार बन गई तो क्या होगा? इस पर विपक्ष की तरफ से कहा गया कि पीएम को ऐसी बातें करना शोभा नहीं देता, उन्हें विकास पर बात करनी चाहिए। लेकिन तब तक खेल हो चुका था।
2– ‘वोट चोर-गद्दी छोड़’: राहुल गांधी
बिहार चुनाव से पहले लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और रायबरेली से कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस और प्रजेंटेशन के जरिए बीजेपी पर चुनाव आयोग के साथ मिलीभगत करके ‘वोट चोरी’ का आरोप लगाया। इसके बाद बिहार में विपक्ष की चुनावी सभाओं में ‘वोट चोर-गद्दी छोड़’ की गूंज सुनाई दी। इस पर भारतीय जनता पार्टी और एनडीए के नेताओं की तरफ से भी जोरदार पलटवार किया गया।
राहुल भैया – नमस्कार 🙏 “वोट चोर”
बिहार – गद्दी छोड़भैया – वोट छोड़
जनसेलाब- गद्दी छोड़ 🫡✊Note – आप जनता से आई आवाज़ो को सुने ये सुनामी है लोकतंत्र बचाने की
“वोट चोर गद्दी छोड़” का नारा देश का नारा बन चुका है
— Manjeet Ghoshi (@ghoshi_manjeet)
3– ‘ब्राह्मण की बेटे मेरे बेटे से संबंध…’
अनुसूचित जाति और जनजाति अधिकारी और कर्मचारी संघ (AJAKS) के नए चुने गए प्रदेश अध्यक्ष और सीनियर IAS अधिकारी संतोष वर्मा के बयान पर भी इस साल जमकर हंगामा हुआ। उन्होंने एक कार्यक्रम के दौरान कह दिया था कि तब तक यह स्वीकार नहीं करूंगा कि परिवार में एक व्यक्ति को आरक्षण मिले, जब तक कोई ब्राह्मण अपनी बेटी मेरे बेटे को दान न कर दे या उससे रिश्ता न बना ले।
वरिष्ठ IAS अधिकारी और नवनिर्वाचित प्रांताध्यक्ष अजाक्स संतोष वर्मा “जब तक मेरे बेटे को कोई ब्राह्मण अपनी बेटी दान नहीं देता या उससे संबंध नहीं बनता, तब तक आरक्षण जारी रहना चाहिए।”
— Anurag Dwary (@Anurag_Dwary)
के इस बयान ने ब्राह्मण समाज में आक्रोश पैदा कर दिया। चौतरफा विरोध प्रदर्शन और चेतावनियों का दौर शुरू हो गया। इसके बाद संतोष वर्मा ने माफी मांगते हुए कहा कि मेरा इरादा किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का नहीं था। लेकिन अगर ऐसा हुआ है तो मैं माफी मांगता हूं।
4– कर्नल सोफिया कुरैशी पर विजय शाह
22 अप्रैल को पहलगाम हमले के बाद भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के जरिए पाकिस्तान पर कार्रवाई की। जिसके बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने इसकी जानकारी दी। इसके बाद एमपी की मोहन यादव सरकार में मंत्री विजय शाह का एक ऐसा बयान सामने आया जिसने हड़कंप मचा दिया।
ये मध्यप्रदेश भाजपा सरकार में मंत्री विजय शाह है जो देश की शान कर्नल सोफिया कुरैशी को सिंदूर उजाड़ने वाले आतंकवादियों की बहन बता रहा है। ये सिर्फ़ कर्नल सोफिया क़ुरेसी का ही नहीं बल्कि पूरी आर्मी का अपमान कर रहा है
इससे तुरंत इस्तीफा लेकर इसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करनी चाहिये!— Mohammad Aarif (@MohammadAarif90)
विजय शाह ने अपने बयान में कहा कि पहलगाम में जिन आतंकियों ने भारत की बहन बेटियों के मांग का सिंदूर उजाड़ा हमने उन्हीं की बहन भेजकर उनकी ऐसी-तैसी कर दी। उनका इशारा सोफिया कुरैशी के धर्म की तरफ था। विजय शाह के इस बयान के बाद ऐसा हंगामा हुआ कि उन्हें भी माफी मांगनी पड़ी। हालांकि इस माफी की प्रकृति पर भी सुप्रीम कोर्ट ने सवाल उठाया था।
5– ‘कहीं और छू देते तो क्या हो जाता’
हाल ही में पटना में आयुष डॉक्टरों के नियुक्ति पत्र देते हुए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने डॉ. नुसरत परवीन का हिजाब खींच दिया। उनकी इस हरकत का वीडियो सामने आते ही सोशल मीडिया से लेकर सियासी गलियारों तक हंगामा मच गया। इस पर विपक्ष ने सीएम को घेरना शुरू किया तो एनडीए नेताओं ने बचाव शुरू कर दिया।
इसी कड़ी में यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार में मंत्री संजय निषाद का भी एक बयान आया जिसने और हंगामा खड़ा कर दिया। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने नकाब छू दिया तो इतना हो गया, कहीं और छू देते तो क्या हो जाता। इस दौरान वह असंवेदनशीलता की हदें पार करते हुए ठहाके लगाते हुए भी दिखाई दिए।
यह बेशर्मी भरी हँसी उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार में कैबिनेट मंत्री संजय निषाद की है।
मंत्री जी बिहार के CM नीतीश कुमार की हरकत को जायज़ ठहरा रहे हैं और कह रहे हैं कि उस महिला को कहीं और छुआ होता तो विवाद किया जाता।
इस घटिया मानसिकता के साथ ये BJP सरकार में…
— AAP (@AamAadmiParty)
निषाद पार्टी के सुप्रीमों की इस हरकत पर जमकर बवाल मचा। सपा नेता और दिवंगत शायर मुनव्वर राणा की बेटी सुमैया राणा ने नीतीश कुमार के साथ-साथ उनके खिलाफ भी लखनऊ की हजरतगंज कोतवाली में तहरीर दी और पुलिस से इस पर कार्रवाई करने की मांग भी की।



