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सिर्फ 1 वोट का अंतर… शपथ रोकने कोर्ट पहुंचे DMK के पूर्व मंत्री, मद्रास HC में दायर की याचिका

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के सबसे चर्चित मुकाबलों में शामिल तिरुपत्तूर सीट का विवाद अब कोर्ट तक पहुंच गया है. डीएमके के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री के.आर. पेरियाकरुप्पन ने महज एक वोट से हारने के बाद मद्रास हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. उन्होंने टीवीके उम्मीदवार सीनिवासा सेथुपति की जीत को चुनौती देते हुए याचिका दायर की है।

सिर्फ 1 वोट का अंतर… शपथ रोकने कोर्ट पहुंचे DMK के पूर्व मंत्री, मद्रास HC में दायर की याचिका
सिर्फ 1 वोट का अंतर… शपथ रोकने कोर्ट पहुंचे DMK के पूर्व मंत्री, मद्रास HC में दायर की याचिका

डीएमके नेता के.आर. पेरियाकरुप्पनने अपनी याचिका में कोर्ट से अंतरिम आदेश जारी करने की मांग की है, ताकि नव निर्वाचित टीवीके विधायक को शपथ लेने और विधानसभा की कार्यवाही में हिस्सा लेने से रोका जा सके. उन्होंने अपनी याचिका में मांग की है कि विजेता उम्मीदवार सीनिवासा सेथुपति को फिलहाल विधानसभा में होने वाले विश्वास मत में हिस्सा लेने से रोका जाए. मामले की गंभीरता को देखते हुए मद्रास हाईकोर्ट रविवार को विशेष सुनवाई करने जा रहा है, जिसे बेहद दुर्लभ माना जा रहा है.

सिर्फ एक वोट पीछे रह गए पेरियाकरुप्पन

तिरुपत्तूर सीट पर मतगणना पूरी होने के बाद चुनाव आयोग के आंकड़ों में टीवीके उम्मीदवार सीनिवासा सेतुपति को 83,375 वोट मिले, जबकि केआर पेरियाकरुप्पन उनसे सिर्फ एक वोट पीछे रह गए. महज एक वोट से उन्हें चुनाव में हार का सामना करना पड़ा. इस नतीजे ने पूरे राज्य में राजनीतिक हलचल तेज कर दी है.

मस्कट से वोट डालने आया था युवक

इस चुनावी मुकाबले ने उस समय और ज्यादा सुर्खियां बटोरीं, जब मस्कट में रहने वाले एक मतदाता ने दावा किया कि वह खास तौर पर टीवीके के समर्थन में वोट डालने के लिए तमिलनाडु आया था. शिवगंगा जिले के तिरुपत्तूर विधानसभा क्षेत्र के रहने वाले मणिकंदन शिवानंथम ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा था कि उन्हें मस्कट से मतदान करने के लिए यात्रा करने पर गर्व है.उन्होंने बताया कि जीत का अंतर ठीक एक वोट का था, इसके बाद सोशल मीडिया पर यह चर्चा तेज हो गई कि संभवतः उसी वोट ने चुनाव का परिणाम बदल दिया.

चुनाव में विजय की पार्टी का शानदार प्रदर्शन

अभिनेता ने नेता बने विजय की पार्टी Tamilaga Vettri Kazhagam ने अपने पहले ही विधानसभा चुनाव में शानदार प्रदर्शन कर तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा उलटफेर कर दिया. फरवरी 2024 में बनी इस पार्टी ने करीब 35 प्रतिशत वोट शेयर हासिल हलचल मचा दी. चुनाव में पार्टी राज्य की सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, जिससे राज्यमें डीएमकेएआईएडीएमके के लंबे समय से चले आ रहे वर्चस्व का अंत हो गया.

कई दिग्गज नेता हारे

टीवीके ने कुल 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरने में सफलता हासिल की. वहीं डीएमके को 59 सीटें मिलीं, जबकि एनडीए समर्थित एआईएडीएमके 47 सीटों पर सिमट गई. चुनाव में सबसे बड़े उलटफेरों में से एक था कोलाथुर में मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन की पूर्व डीएमके नेता वी.एस. बाबू से हार, जो टीवीके उम्मीदवार थे. गीता जीवन और एम.ए. सुब्रमणियन सहित 10 से अधिक मंत्री भी टीवीके की लहर में हार गए.

टीवीके को मिला समर्थन

टीवीके 234 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत के आंकड़े से थोड़ा पीछे रह गई. कांग्रेस, CPI, CPI , VCK और IUML के समर्थन से टीवीके ने 120 विधायकों का आंकड़ा जुटा लिया है, जिससे सरकार बनाने का रास्ता साफ हो गया.विजय आज तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं.

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