MP News: एमपी के बालाघाट जिले के वारासिवनी में गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को ऊंचे ब्याज के जाल में फंसाकर आर्थिक और मानसिक शोषण करने वाले कथित सूदखोर के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. एसआईटी की जांच में आरोपी सुनील अरोरा का कथित काला साम्राज्य उजागर हुआ है. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके ठिकानों से 153 ब्लैंक चेक, जमीनों के दस्तावेज, कोरे स्टांप पेपर और कई अन्य महत्वपूर्ण कागजात जब्त किए हैं.

पुलिस के अनुसार वारासिवनी निवासी 45 वर्षीय सुनील अरोरा लोगों को 5 से 15 प्रतिशत तक भारी ब्याज दर पर पैसा उधार देता था. शुरुआत में मददगार बनकर लोगों को कर्ज देता था और फिर उनकी मजबूरी का फायदा उठाकर उन्हें ऐसे कर्ज के जाल में फंसा देता था, जिससे निकलना लगभग असंभव हो जाता था.
कब्जे में रख लेता है ये चीजें
जांच में सामने आया कि आरोपी ऋण लेने वालों से एटीएम कार्ड, पासवर्ड, हस्ताक्षरित कोरे चेक, स्टांप पेपर, जमीनों के मूल दस्तावेज और अन्य जरूरी कागजात अपने कब्जे में रख लेता था. इसके बाद धमकी और दबाव बनाकर अवैध वसूली करता था. कई परिवार मानसिक प्रताड़ना का शिकार हुए और कुछ को अपनी जमीन तक बेचनी पड़ी.
ऐसे करता था लोगों को प्रताड़ित
पुलिस ने बताया कि आरोपी कोरे चेक और स्टांप का दुरुपयोग कर पीड़ितों पर झूठे चेक बाउंस के मामले दर्ज करवाता था. जमीनों को कम कीमत में अपने या सहयोगियों के नाम रजिस्ट्री कराकर बाद में ऊंचे दामों में बेचने का खेल भी सामने आया है. जांच में आदिवासी जमीनों के संदिग्ध ट्रांसफर की जानकारी भी मिली है.
बरामद किए गए 153 ब्लैंक चेक
एसआईटी ने आरोपी के 6 ठिकानों पर दबिश देकर 15 ऋण पुस्तिकाएं, 153 ब्लैंक चेक, 15 भूमि रजिस्ट्री दस्तावेज, 22 कोरे स्टांप पेपर, हस्ताक्षरयुक्त कोरे कागज, आधार कार्ड की प्रतियां, एटीएम कार्ड, एलआईसी बॉण्ड, मोबाइल फोन और एक चार पहिया वाहन बरामद किया है.
कैसे खुला राज?
पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा ने बताया कि वारासिवनी क्षेत्र से लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि लोगों को सूद के जाल में फंसाकर ब्लैंक चेक और स्टांप पेपर के जरिए प्रताड़ित किया जा रहा है. इसके बाद कार्रवाई करते हुए छापेमारी की गई. उन्होंने बताया कि आरोपी के खिलाफ बीएनएस की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है. पुलिस का कहना है कि जांच आगे बढ़ने पर कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं.



