हैदराबाद की युवा ऊर्जा विशेषज्ञ श्वेता रवि कुमार को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ा सम्मान मिला है. FSR Global की कार्यकारी निदेशक श्वेता रवि कुमार को प्रतिष्ठित Energy Institute Fellow के रूप में चुना गया है. ऊर्जा क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान और विशेषज्ञता को देखते हुए उन्हें यह सम्मान प्रदान किया गया है.

श्वेता रवि कुमार वर्तमान में FSR ग्लोबल की कार्यकारी निदेशक होने के साथसाथ भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय की डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर शाखा India Energy Stack की प्रोग्राम डायरेक्टर और नेशनल टास्क फोर्स की सदस्य के रूप में भी अहम जिम्मेदारियां निभा रही हैं.
श्वेता रवि कुमार ने LinkedIn पर अपनी खुशी साझा करते हुए लिखा, मुझे यह बताते हुए गर्व हो रहा है कि मुझे एमिनेंस रूट के तहत Energy Institute का फेलो चुना गया है.
श्वेता रवि कुमार को मिला अंतरराष्ट्रीय सम्मान
उन्होंने कहा कि वह इसे केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं मानतीं, बल्कि वैश्विक ऊर्जा क्षेत्र की बहस और नीतिगत चर्चाओं में अधिक सक्रिय भूमिका निभाने की जिम्मेदारी के रूप में देखती हैं.
श्वेता के अनुसार, वर्तमान समय में डिजिटलाइजेशन, डीसेंट्रलाइजेशन, फ्लेक्सिबिलिटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इंफ्रास्ट्रक्चर प्लानिंग जैसे नए बदलाव ऊर्जा क्षेत्र को तेजी से बदल रहे हैं. ऐसे दौर में वह वैश्विक ऊर्जा परिवर्तन में और अधिक सक्रिय योगदान देना चाहती हैं.
उन्होंने बताया कि FSR ग्लोबल मुख्य रूप से ऊर्जा सुधारों के व्यावहारिक ढांचे पर काम करता है. इसके तहत गवर्नेंस, मार्केट डिजाइन, डेटा सिस्टम, इंटरऑपरेबिलिटी, कैपेसिटी बिल्डिंग और प्रूफऑफकॉन्सेप्ट पायलट जैसे क्षेत्रों पर विशेष फोकस किया जाता है. संस्था का उद्देश्य ग्लोबल साउथ के लिए लागू किए जा सकने वाले प्रभावी ऊर्जा विनियमन मॉडल तैयार करना है.
AI और डिजिटलीकरण से बदल रही एनर्जी की दुनिया
श्वेता का मानना है कि ऊर्जा क्षेत्र में हो रहा बदलाव केवल बिजली तक सीमित नहीं है, बल्कि गैस, परिवहन और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर भी अब एकदूसरे से जुड़े हुए हैं. ऐसे में नियामकों और नीति निर्माताओं को भी इस नई वास्तविकता के अनुसार खुद को ढालना होगा.
FSR Global की शुरुआत इटली के फ्लोरेंस स्थित Florence School of Regulation के सहयोगी संस्थान के रूप में हुई थी. बाद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भरता के आह्वान के अनुरूप यह संस्था ऊर्जा नीति और विनियमन में विशेषज्ञता रखने वाला ग्लोबल साउथ केंद्रित, भारत आधारित स्वतंत्र पॉलिसी थिंकटैंक बन गई.



