मध्य प्रदेश में हरदा जिले के हंडिया थाना में एक व्यक्ति की मौत के बाद जमकर हंगामा देखने को मिला. मृतक अजब सिंह कोरकू के परिजन और सामाजिक संगठनों के लोग शव को थाना परिसर में रखकर विरोध प्रदर्शन किया. परिजनों ने थाना हंडिया में तैनात एक हेड कांस्टेबल पर प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं. वहीं पूरे मामले में दोषी पुलिसकर्मियों और शिकायतकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की.

दरअसल, मामला करीब 25 साल पुराने लेनदेन और जमीन विवाद से जुड़ा बताया जा रहा है. परिजनों के अनुसार मिश्रीलाल साजन और रामोतार द्वारा अजब सिंह कोरकू के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई थी. आरोप है कि 30 अप्रैल को थाना हंडिया पुलिस अजब सिंह को पूछताछ के लिए थाने लेकर गई, जहां उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया.
परिजनों ने प्रताड़ना का लगाया आरोप
परिजनों का कहना है कि थाना हंडिया में पदस्थ हेड कांस्टेबल कंचन सिंह ने अजब सिंह पर शिकायतकर्ताओं को डेढ़ लाख रुपए लौटाने का दबाव बनाया. इस दौरान मृतक हाथपैर जोड़कर अपनी बात रखता रहा और कहता रहा कि शिकायतकर्ताओं ने उसकी जमीन हड़प ली थी और पैसे भी नहीं दिए.
परिजनों का आरोप है कि पुलिस दबाव और प्रताड़ना से परेशान होकर अजब सिंह कोरकू ने जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया. हालत बिगड़ने पर उन्हें हरदा जिला अस्पताल से इंदौर रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई.
युवक की मौत पर लोगों का फूटा गुस्सा
मौत के बाद गुस्साए परिजन और सामाजिक लोग शव को थाना हंडिया लेकर पहुंचे और थाना परिसर में रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया. प्रदर्शनकारियों ने दोषी पुलिसकर्मियों को तत्काल निलंबित करने, शिकायतकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है.
परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष मजिस्ट्रियल जांच कराने, संबंधित पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने की मांग की. वहीं परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने और उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है. फिलहाल मौके पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे और परिजनों को समझाने का प्रयास किया है.



