प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को जनता से पेट्रोलडीजल की खपत कम करने, एक साल तक सोना नहीं खरीदने और गैरजरूरी विदेशी यात्राएं टालने की अपील की. इस अपील पर कांग्रेस ने सवाल उठाते हुए पीएम मोदी पर जमकर निशाना साधा है. कांग्रेस ने कहा कि अमेरिकाईरान युद्ध के तीन महीने बाद भी प्रधानमंत्री इस बात से अनजान हैं कि भारत की ऊर्जा सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाए.

कांग्रेस ने कहा कि प्रधानमंत्री का इस वैश्विक संकट से देश की अर्थव्यवस्था को अप्रभावित रखने के लिए आकस्मिक योजनाएं बनाने के बजाय लोगों को मुश्किल में डालना बेहद शर्मनाक, लापरवाह और सरासर अनैतिक है.
बेहद शर्मनाक, लापरवाही और अनैतिकता
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, ईरानअमेरिका युद्ध के तीन महीने बीत चुके हैं और प्रधानमंत्री मोदी भारत की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने को लेकर अब भी पूरी तरह से अनजान हैं. वेणुगोपाल ने कहा कि यह बेहद शर्मनाक, लापरवाही और सरासर अनैतिकता है कि प्रधानमंत्री इस वैश्विक संकट से हमारी अर्थव्यवस्था को अप्रभावित रखने के लिए आकस्मिक योजनाएं बनाने के बजाय आम नागरिक को असुविधा में धकेल रहे हैं.
प्रधानमंत्री की एकमात्र प्राथमिकता चुनाव
उन्होंने कहा कि जब प्रधानमंत्री की एकमात्र प्राथमिकता चुनाव और छोटी मोटी राजनीति बन जाए, तो उसका परिणाम आसन्न आर्थिक तबाही के रूप में सामने आता है. वेणुगोपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री और उनकी सरकार को यह सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं करनी चाहिए कि भारत के पास पर्याप्त ईंधन भंडार हो और योजना की कमी के परिणामस्वरूप किसी भी नागरिक को किसी भी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े.
उनकी यह टिप्पणी पीएम मोदी द्वारा इस बात पर जोर देने के बाद आई है कि केंद्र सरकार लोगों को युद्ध के प्रतिकूल प्रभावों से बचाने की कोशिश कर रही है और नागरिकों से चुनौतियों से पार पाने और देश की मदद करने के लिए उपाय करने का आह्वान किया है.
पीएम मोदी ने अपील में क्या कहा?
हैदराबाद में भारतीय जनता पार्टी की तेलंगाना इकाई द्वारा आयोजित एक रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने विदेशी मुद्रा बचाने के लिए पेट्रोल और डीजल का विवेकपूर्ण उपयोग, शहरों में मेट्रो रेल सेवाओं का उपयोग, कार पूलिंग, इलेक्ट्रिक वाहनों का अधिकतम उपयोग, पार्सल भेजने के लिए रेलवे सेवाओं का उपयोग और घर से काम करने जैसे उपाय सुझाए.
उन्होंने कहा कि युद्ध के कारण पेट्रोल और उर्वरक की कीमतों में काफी वृद्धि हुई है. पीएम मोदी ने कहा कि जब आपूर्ति श्रृंखला पर दबाव होता है तो सरकार द्वारा संकट से निपटने के लिए विभिन्न उपायों के बावजूद मुश्किलें बढ़ जाती हैं.



