Gold Price in Delhi: कुछ दिन पहले जब सोने में तेजी लौटी तो लगा कि अब कीमती धातु में गिरावट का दौर खत्म हो गया है. पिछले कारोबारी सत्र में तेजी के साथ बंद हुए सोने के रेट में सोमवार सुबह से ही गिरावट देखी जा रही है. पिछले कुछ दिन से लगातार चढ़ रहा सोना इंटरनेशनल मार्केट में धड़ाम हो गया. यह गिरावट क्यों आई? इस पर यदि बात करें तो इसके दो कारण बताए जा रहे हैं. इसका पहला कारण पिछले करीब ढाई महीने से मिडिल ईस्ट में चल रही जंग के खत्म होने के आसार अभी नहीं लग रहे. अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली शांति वार्ता एक फिर से विफल हो गई. दूसरा रविवार को पीएम मोदी ने देशवासियों से अगले एक साल तक सोना नहीं खरीदने की अपील की है.

अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता विफल होने के बाद सोमवार सुबह से ही सोने में गिरावट देखी जा रही है. इंटरनेशनल मार्केट में सोने का दाम करीब 30 डॉलर प्रति औंस गिरकर 4700 डॉलर से नीचे 4685 डॉलर प्रति औंस के करीब आ गया. शुक्रवार को बंद हुए कारोबारी सत्र के अंत में https://ibjarates.com/ पर जारी रेट में भी गिरावट देखी गई. 24 कैरेट वाला सोना गिरकर 151078 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया. इसके अलावाल 23 कैरेट वाला सोना 150473 रुपये और 22 कैरेट गोल्ड 138387 रुपये प्रति 10 ग्राम पर देखा गया.
अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता फेल
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से नरमी बरती जाने के बाद उम्मीद की जा रही थी कि हालात युद्ध विराम की तरफ बढ़ रहे हैं. लेकिन वाशिंगटन की तरफ से तैयार किये गए शांति मसौदे पर ईरान की तरफ से सहमति नहीं जताई गई. इसका असर ग्लोबल मार्केट पर देखा जा रहा है. शेयर बाजार में गिरावट और क्रूड ऑयल में तेजी देखी जा रही है. जब से ईरान और अमेरिका के बीच जंग शुरू हुई है तो सोने के दाम नीचे आ रहे हैं. लेकिन जबजब जंग रुकने की आहट हुई तो इसके दाम में तेजी देखी गई.
जंग के बीच लगातार आ रही गिरावट
आमतौर पर जियोपॉलिटिकल टेंशन के बीच सोने के दाम में तेजी देखी जाती है. इसका कारण लोगों की तरफ से सुरक्षित निवेश की तलाश रहती है. लेकिन अमेरिकाईरान की जंग के बीच ऐसा नहीं हुआ. दोनों देशों के बीच टकराव जितना बढ़ा, सोने में उतनी ही गिरावट आई. जनवरी 2026 में सोना चढ़कर 1.92 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के अपने ऑल टाइम हाई पर पहुंच गया था. लेकिन जंग शुरू होने के बाद इसमें गिरावट देखी जा रही है और यह पिछले दिनों गिरकर 1.45 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम तक आ गया.
पीएम मोदी की अपील
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को हैदराबाद में आयोजित जनसभा के दौरान कहा कि पिछले 2 महीने से मिडिल ईस्ट में चल रही जंग का असर भारत पर भी पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि देशभक्ति सैनिकों के बलिदान तक ही नहीं, बल्कि उसमें हम सभी की जिम्मेदारी भी शामिल होनी चाहिए. इस दौरान उन्होंने ज्यादा से ज्यादा पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करने के साथ ही यह भी अपील की कि जब तक बहुत जरूरी न हो जाए, एक साल के लिए सोना नहीं खरीदें. उन्होंने कहा देश को सोना खरीदने के लिए बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा खर्च करनी पड़ती है. सोने की खरीदारी कम होने से देश का फॉरेक्स रिजर्व बढ़ेगा, पैसा देश के अंदर रहेगा और रुपये को मजबूती मिलेगी.
भारत में सोने की खपत
भारत सोने का दूसरा सबसे बड़ा आयातक देश है. वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की हालिया रिपोर्ट के अनुसार भारत में साल 2026 की पहली तिमाही में सोने की डिमांड 151 टन रही है. यह पिछले साल 2025 की इसी अवधि के मुकाबले 10% ज्यादा है. साल 2025 के दौरान भारत की कुल सोने की डिमांड करीब 800 टन के बीच रही. ऊंची कीमतों के कारण ज्वेलरी की डिमांड में कुछ गिरावट देखी गई है. साल 2026 की पहली तिमाही में यह 19% गिरकर 66 टन रह गई. लोग अब गहनों की बजाय सोने के निवेश के तौर पर तरजीह दे रहे हैं.
सोने की कम खरीद से क्या बदलेगा?
पीएम मोदी की अपील के बाद भारत में यदि सोने की खपत कम होती है तो इसका असर सीधा आयात पर पड़ेगा. भारत अपनी जरूरत का करीब 90 प्रतिशत से ज्यादा सोना विदेश से इम्पोर्ट करता है. इस सोने को खरीद



