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पीएम मोदी की अपील पर सियासी घमासान, कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने की सत्र बुलाने की मांग

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वैश्विक संकट पर की गई 7 अपीलों पर कांग्रेस सांसद कार्ति पी. चिदंबरम ने कहा कि सरकार को तुरंत संसद का सत्र बुलाना चाहिए, ताकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत को मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने के लिए की गई ‘सात अपीलों’ के बारे में देश को जानकारी दी जा सके. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के कार्यालय से बहुत गंभीर निर्देश आए हैं इनका कारण क्या है?

पीएम मोदी की अपील पर सियासी घमासान, कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने की सत्र बुलाने की मांग
पीएम मोदी की अपील पर सियासी घमासान, कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने की सत्र बुलाने की मांग

उन्होंने कहा कि सरकार को तुरंत संसद का सत्र बुलाना चाहिए, देश को भरोसे में लेना चाहिए और हमें मौजूदा हालात की असलियत के बारे में बताना चाहिए, जिनकी वजह से ये अपील करना जरूरी हो गया है. उन्होंने MyGov की एक पोस्ट का जवाब सोशल मीडिया एक्स पर दिया.

पीएम मोदी ने की ये अपील

MyGov की पोस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सात अपीलें बताई गई थीं . इन अपीलों को मुश्किल वैश्विक समय में भारत को मज़बूत बनाने के लिए बताया गया. MyGov की इस पोस्ट का शीर्षक है राष्ट्र सबसे पहले, कर्तव्य आराम से ऊपर! इसमें PM मोदी की नागरिकों से की गई अपील का जिक्र था कि जहां भी मुमकिन हो, ‘वर्क फ्रॉम होम’ को प्राथमिकता दें, ईंधन की खपत कम करें, एक साल तक विदेश यात्रा से बचें, स्वदेशी उत्पाद अपनाएं, खाना पकाने के तेल का इस्तेमाल कम करें, प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ें और बेवजह सोने की खरीदारी कम करें. पोस्ट में आगे कहा गया कि जिम्मेदारी की ये सामूहिक भावना भारत को और भी ज्यादा मजबूत और आत्मनिर्भर बना सकती है.

Nation First Duty Above Comfort!

PM @narendramodi gave 7 important appeals to strengthen India during challenging global times prioritize work from home wherever possible, reduce fuel consumption, avoid foreign travel for a year, adopt Swadeshi products, cut down cooking oil pic.twitter.com/jhDGYTarH6

— MyGovIndia May 10, 2026

कार्ति चिंतबंरम का बयान ऐसे समय में आया है जब तेहरान ने अमेरिका समर्थित ‘नौसूत्रीय शांति योजना’ का मुकाबला करने के लिए एक ’14सूत्रीय योजना’ तैयार की है. मीडिया रिपोर्स्ट के मुताबिक, ईरानी प्रस्ताव में तीन चरणों वाले एक रोडमैप की रूपरेखा दी गई है. इसमें 30 दिनों का एक ऐसा चरण शामिल है, जिसे अस्थायी संघर्षविराम को दोनों देशों की दुश्मनी को स्थायी रूप से बदलने के लिए डिजाइन किया गया है. बातचीत के हिस्से के तौर पर तेहरान ने प्रतिबंधों में राहत, ईरानी बंदरगाहों पर लगी पाबंदियों को हटाने, इस क्षेत्र से अमेरिकी सैनिकों की वापसी और लेबनान में इजराइली सैन्य अभियानों को रोकने की मांग की है.

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