Madhya Pradesh

101 पुलिसकर्मी केएफ रूस्तमजी पुरस्कार से सम्मानित… नक्सलवाद और अपराध पर काबू रखने में निभाये रोल

‘नए दौर में अपराध और अपराधियों के तरीके बदल गए हैं. मध्यप्रदेश पुलिस डिजिटल और साइबर क्राइम के मामलों से भी पूरी दक्षता के साथ निपट रही है. मध्यप्रदेश पुलिस अपने साहस, अनुशासन और दृढ़ इच्छा शक्ति के लिए पहचान रखती है. पुलिस विभाग ने कानून व्यवस्था सुनिश्चित करते हुए अपने काम से अलग ही पहचान बनाई है.’ यह बात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कही. सीएम डॉ. यादव आज भोपाल के रवींद्र भवन में आयोजित केएफ रूस्तमजी पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित कर रहे थे.

101 पुलिसकर्मी केएफ रूस्तमजी पुरस्कार से सम्मानित… नक्सलवाद और अपराध पर काबू रखने में निभाये रोल
101 पुलिसकर्मी केएफ रूस्तमजी पुरस्कार से सम्मानित… नक्सलवाद और अपराध पर काबू रखने में निभाये रोल

समारोह में पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना ने पुष्प गुच्छ भेंट कर मुख्यमंत्री डॉ. यादव का स्वागत किया. इस दौरान अश्वरोही दल ने भी उनका अनोखे अंदाज में स्वागत किया. कार्यक्रम में को गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया. समारोह में प्रदेश के मुखिया ने केएफ रूस्तमजी पुरस्कार वर्ष 201920 और 202122 के अंतर्गत परम विशिष्ट श्रेणी, अति विशिष्ट श्रेणी और विशिष्ट श्रेणी में पुरस्कार प्रदान किए.

चुनौतियों के साथ ड्यूटी करती है पुलिस

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि रूस्तम जी ने जिस प्रकार प्रदेश की धरती से दस्यु समस्या को खत्म करने की मुहिम चलाई थी. उसी पर आगे बढ़ते हुए पिछले साल मध्यप्रदेश नक्सलवाद की समस्या से मुक्त हो चुका है. संगठित अपराधों से निपटने के लिए भी सुनियोजित ढंग से योजनाएं बनाई जा रही हैं. रूस्तम जी ने नागपुर के दंगों में अहम भूमिका निभाई थी. उन्होंने देश की सुरक्षा के लिए सीमा सुरक्षा बल की नींव रखी थी. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के 101 पुलिसकर्मियों को केएफ रूस्तमजी पुरस्कार दिया गया है. राज्य सरकार पुलिस विभाग में नवाचारों और उत्कृष्ट कार्यों के लिए पुरस्कारों को प्रोत्साहन दे रही है. पुलिसकर्मी अनेक चुनौतियों के साथ ड्यूटी करते हैं.

लाल सलाम को आखिरी सलाम

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में देश बदल रहा है. देश में 35 साल से नक्सलवाद लाइलाज बीमारी की तरह था. मध्यप्रदेश सबसे पहले इस समस्या से मुक्त हुआ. आज भारत के सभी राज्य लाल सलाम को आखिरी सलाम करते हुए नक्सलवाद से मुक्त हुए हैं. इसके लिए देश केंद्रीय नेतृत्व का ऋणी है. उन्होंने कहा कि नक्सलवाद से लड़ाई में हमारी विजय हुई. हथियार और आतंकवाद के बल पर लोगों को डराया जाता था. मध्यप्रदेश के एक तत्कालीन मंत्री की हत्या तक कर दी गई थी.

पुलिसकर्मियों की चिंता हमारा दायित्व

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पुलिस विभाग में भर्तियां जारी हैं. वर्ष 2023 और 2024 की भर्तियां पूर्ण हो गई हैं. अब वर्ष 2026 की नई भर्ती में सब इंस्पेक्टर से लेकर पुलिसकर्मियों की भर्ती शुरू की जाएगी. राज्य सरकार ने 22 हजार 500 भर्तियों का लक्ष्य रखा था. अगले वर्ष इसे पूरा करने के लिए फिर भर्ती करेंगे. उन्होंने कहा कि प्रदेश में पुलिस बैंड तक के लिए भर्ती निकाली गई है. पुलिस विभाग हमारे परिवार का हिस्सा है. पुलिसकर्मियों के लिए आवास उपलब्ध कराने के लिए सरकार प्रयास कर रही है. उनकी सुखसुविधाओं की चिंता करना भी हमारा दायित्व है.

पुलिस विभाग को मिल रहा सीएम का सहयोग

कार्यक्रम में पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना ने कहा कि आज परम विशिष्ट श्रेणी के 7, अति विशिष्ट श्रेणी के 8 और विशिष्ट श्रेणी के 86 पुरस्कार प्रदान किए जा रहे हैं. मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश पुलिस ने अनेक उपलब्धियां हासिल की हैं. इसमें 11 दिसंबर 2025 को प्रदेश को नक्सलवाद से मुक्त कराना भी शामिल है. डायल 112 सेवा का क्रियान्वयन, पिछले साल कुल साढ़े 8 हजार पदों पर पुलिस भर्ती की स्वीकृति प्राप्त हुई है. कॉन्स्टेबल भर्ती की प्रक्रिया पूर्ण हो गई है और सिपाहियों को ज्वाइनिंग दी जा रही है.

उन्होंने कहा कि वर्ष 2026 में प्रदेश पुलिस बल में 10 हजार पदों पर भर्ती की स्वीकृति शीघ्र ही मिलने की संभावना है. सिंहस्थ 2028 एक बड़ा आयोजन होगा, इसके लिए पुलिस बल को प्रशिक्षण देकर जमीनी स्तर पर तैनात करना बहुत आवश्यक है. इसके लिए तैयारियां जारी हैं. मुख्यमंत्री डॉ. यादव की ओर से पुलिस विभाग को पूर्ण सहयोग और मार्गदर्शन प्राप्त हो रहा है. हमारे पुलिस अधिकारी और कर्मचारी अपराध नियंत्रण के लिए समर्पण भाव से कार्य कर रहे हैं.

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